Home India मिजोरम: आइजोल में महसूस किए गए भुकंप के झटके, 3.8 थी रिक्टर स्केल पर तीव्रता
मिजोरम: आइजोल में महसूस किए गए भुकंप के झटके, 3.8 थी रिक्टर स्केल पर तीव्रता

मिजोरम: आइजोल में महसूस किए गए भुकंप के झटके, 3.8 थी रिक्टर स्केल पर तीव्रता

by Sneha Shukla

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मिजोरम के आइजोल में भूकंप के झटके महसूस किए गए है। मिली जानकारी के मुताबिक, भुकंप उत्तर-पूर्व में आया है। वहीं, रिक्टर स्केल पर भूंकप की तीव्रता 3.8 मापी गई है। आपको बता दें, नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने इसकी पुष्टि की है। वहीं, किसी भी तरीके की जान-माल और नुकसान की खबर अभी सामने नहीं आयी है।

आईये जानते हैं, क्यों आता है भूकंप

पृथ्वी मुख्य रूप से चार परतों से बनी हुई है। इनर कोर, आउटर कोर, मैनटल और क्रेस्ट। क्रस्ट और ऊपरी मैन्टल कोर को लिथोस्फेयर कहते हैं। यह 50 किलोमीटर की मोटी परत कई वर्गों में बंटी हुई है जिसे टैकटोनिक प्लेट्स ने कहा है। ये टैकटोनिक प्लेट्स अपनी जगह पर हिलती रहती हैं। जब ये प्लेट बहुत ज्यादा हिल जाती हैं, तो भूकंप महसूस होता है। ये प्लेट क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर दोनों तरह से अपनी जगह से हिल सकती हैं। इसके बाद वह स्थिर रहता है अपनी जगह तलाशती हैं इस दौरान एक प्लेट दूसरी प्लेट के नीचे आ जाती है।

भूकंप की तीव्रता का अंजाजा केंद्र (एपीसेंटर) से निकलने वाली ऊर्जा की तरंगों से लगाया जाता है। ये तरंगों से सैंकड़ो किलोमीटर तक अल्ट्रा होता है और धरती में दरारें तक पड़ जाती हैं। अगर गहराई की गहराई उथली हो तो इससे बाहर निकलने वाली ऊर्जा सतह के काफी करीब होती है जिससे भयानक तबाही होती है। लेकिन जो भूकंप पृथ्वी की गहराई में आते हैं, वे सतह पर ज्यादा नुकसान नहीं होते हैं। समुद्र में छेद आने पर उंची और तेज लहरें उठती है जिसे सुनामी भी कहते हैं।

कैसे खर्च हो जाता है

भूकंप की तीव्रता को मारने के लिए रिक्टर स्केल का पैमाना इस्तेमाल किया जाता है। इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है। रिक्टर स्केल पर भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर जारी किया जाता है। भूकंप को इसके केंद्र यानी एपीसेंटर से दूर जाता है।



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