पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार को विभाजित -19 वैक्सीनेशन की मौजूदा नीति को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। ममता सरकार कोरोना वैक्सीन की एक देश की एक कीमत की मांग कर रही है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में जीतकर लगातार तीसरे शासन में आईं ममता बनर्जी ने एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मेडिकल ऑक्सीजन की यथाशी जल्दी सप्लाई करने का अनुरोध किया है। ममता बनर्जी ने पीएम नरेंद्र मोदी (नरेंद्र मोदी) को पत्र लिखकर कोरोना (कोरोना) महामारी के मद्देनजर पश्चिम बंगाल के लिए मेडिकल ऑक्सीजन (मेडिकल ऑक्सीजन) आपूर्ति बढ़ाने की मांग की है। ममता बनर्जी ने पीएम को लिखित पत्र में कहा है कि पश्चिम बंगाल में कोरोना के बढ़ते मामले के मद्देनजर राज्य को अगले 7-8 दिनों में 550 मिलियन टन मेडिकल ऑक्सीजन की जरूरत पड़ सकती है।
पश्चिम बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि वह करंट हटाने के लिए दिशा-निर्देश मांगे #COVID-19 टीकाकरण नीति और समान मूल्य के साथ सार्वभौमिक कवरेज में लाना। pic.twitter.com/4fNGIgmEhv
– एएनआई (@ANI) 7 मई, 2021
सीएम ममता बनर्जी पत्र में कहा गया है कि इसके पहले भी 5 मई को मैंने पत्र दिया था। मैंने कहा था कि कोविड -19 महामारी के कारण मेडिकल ऑक्सीजन की मांग लगातार बढ़ रही है। बंगाल में कोविद पोजिटिव रोगियों की संख्या बढ़ रही है। पिछले 24 घंटे के दौरान 470 मिलियन टन मेडिकल ऑक्सीजन की खपत हुई है। यह अगले 7-8 दिनों में 570 मिलियन टन से अधिक हो सकता है।
ममता ने अपने पत्र में कहा है कि मुख्य सचिव ने पहले ही इस बाबत केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव और अधिकारियों को चिह्नित किया है कि राज्य को 570 मिलियन टन मेडिकल ऑक्सीजन की जरूरत है। पश्चिम बंगाल सरकार को अलॉटमेंट करने की जगह केंद्र सरकार ने दूसरे राज्यों का अलॉटमेंट बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि बंगाल में प्रतिदिन 560 और टन मेडिकल ऑक्सीजन का उत्पादन होता है।
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