सार
दिल्ली में दोपहर बाद शुरू हुआ प्रवासी मजदूरों का पलायन रात्रि कर्फ्यू लागू होने के बाद भी जारी किया जा रहा है। आनंद विहार, सराय काले खां सहित सभी बसों और अलग-अलग क्षेत्रों से निजी बसों में प्रवासी कामगार अपने घर को वापस लौटते हुए दिखाई दिए।
आनंद विहार बसंत पर प्रवासी धार्मिकों की भीड़
– फोटो: एएनआई
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विस्तार
आनंद विहार से काशांबी बसंत को जोड़ने वाले फुटओवर ब्रिज पर भीड़ इतनी बढ़ गई कि हालात को काबू करने के लिए सुरक्षाकर्मियों को उतरना पड़ा। पुल पर पूरे दिन आबादीैलाब ऐसा था, जैसे उन्हें लॉकडाउन जल्दी न खुलने की उम्मीद हो। इस दौरान तमाम स्थानों पर उन्होंने कोरोना से आरक्षण के नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाईं। आनंद विहार बसंत पर उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाली बसों में सवार होने के लिए हजारों लोग मौजूद थे। दोपहर बाद के हालात डरावने थे।
आनंद विहार आईएसबीटी से यूपी के शहरों में जाने वालों को कौशांबी फुटओवर ब्रिज पर भेजा गया था। यहाँ कुछ ही मिनटों में भीड़ इतनी बढ़ गई कि धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इस दौरान कोरोना से बचाव के नियमों की कौन कहे, कई लोगों को शारीरिक चोटों से बचने के प्रयास करते देखा गया। आनंद विहार बसंत से लोकल और यूपी के लिए बसों की आवाजाही बंद होने के बाद यात्रियों के लिए फुटओवर ब्रिज का इस्तेमाल अनिवार्य था। यहां लोगों की पुलिसकर्मियों और सिविल डिफेंस कर्मियों से जगह-जगह बहस भी हुई।
इस दौरान निजी बस वैज्ञानिकों ने जमकर चांदी का टीटी लगाया। उनके एजेंट पूरे इलाके में सक्रिय हो गए और बिहार के पटना, मुजफ्फरपुर, उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर, प्रतापगढ़ और गोरखपुर आदि शहरों के लिए सीट देने के दावे द्वारा बुकिंग करने लगे। बस में घुसने पर जिसे जहाँ मौका मिला, बैठ गया। न तो बसों के अंदर सामाजिक दूरी थी, न ही बाहर।
सीएम ने कहा, छोटा है लॉकडाउन
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह समझना मुश्किल नहीं है कि लॉकडाउन के दौरान लोगों के रोजगार खत्म हो जाएंगे। कमाई खत्म होने से गरीब तबके के लिए मुश्किल हालात होते हैं। दिहाड़ी मजदूरों के लिए समस्या और बहुत कुछ है। प्रवासी मजदूरों से अपील है कि यह छोटा-सा केवल 6 दिन का तालाडाउन है। आप दिल्ली को छोड़कर जय जय करेंगे। आने-जाने में आपका इतना समय, पैसा और काफी ऊर्जा खत्म हो जाएगी। आप दिल्ली में ही बने रहें। मुझे उम्मीद है कि यह छोटा लॉकडाउन है और छोटा ही रहेगा। शायद बढ़ाने की जरूरत न पड़े।
सराय काले खां पर भी जमा भीड़ थी
सराय काले खां बसंत के सामने से मध्य प्रदेश के छत्तरपुर, दमोह, ग्वालियर और छत्तीसगढ़ आदि के लिए बसें रवाना हुईं। यहां ज्यादातर बसें फुल होने के बाद ही चली गई। इस दौरान बच्चे, महिला और बुजुर्ग नियमों की अनदेखी पर मजबूर हो रहे हैं। छतरपुर जा रहे एक युवक ने बताया कि वह नौकरी कर रहा था। अब लॉकडाउन में क्या होगा।
लॉकडाउन बढ़ने का भी डर दिखा
दिल्ली से ज्यादातर यात्री अपना सामान भी साथ लेकर जा रहे हैं। इसलिए बसों में जगह तत्काल फुल हो रही थी। कई यात्रियों ने बातचीत में बताया कि उन्हें इस बात की चिंता सता रही है कि लॉकडाउन अब जाने कितने दिनों के लिए लागू कर दिया जाए।
पुलिस आयुक्त ने भी दिल्ली न छोड़ने की अपील की
पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने प्रवासी कामगारों से अपील की कि वे दिल्ली न छोड़ें। उन्होंने कहा कि काम छूटने के कारण प्रवासी मजदूर लौटना चाहते हैं। उनसे अपील है कि दिल्ली न छोड़ें। सब मिलकर उनकी मदद करेंगे।
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