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13 जुलाई 2002 को भारतीय क्रिकेट टीम (भारतीय क्रिकेट टीम) ने अपने वनडे क्रिकेट के इतिहास की सबसे यादगार जीत दर्ज की थी। लगभग 19 साल पहले लॉर्ड्स (लॉर्ड्स) के मैदान पर भारत ने इंग्लैंड को हराकर इतिहास रचा था। सौरव गांगुली की कप्तानी में टीम इंडिया ने 326 रनों के लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल कर लिया था, जिसके बाद भारतीय फैंस जश्न में डूब गए थे।
भारतीय कप्तान सौरव गांगुली (सौरव गांगुली) के लिए भी यह जीत काफी खास थी और उन्होंने इसका जश्न भी बेहद खास तरीके से मनाया था। दरअसल, दादा ने लॉर्ड्स में अपनी टी-शर्ट उतारकर अपनी खुशी का इज़हार किया था।
अब दादा ने एक इंटरव्यू में बताया कि जब वह लॉर्ड्स की बालकनी पर अपनी टी-शर्ट उतार रहे थे तो उस समय के उनके साथ खिलाड़ी वीवीएस लक्ष्मण (वीवीएस लक्ष्मण) उन्हें ऐसा करने से रोक रहे थे। इंटरव्यू में उनसे पूछा जाता है कि जब आपने लॉर्ड्स में अपनी टी-शर्ट उतारी तो क्या लक्ष्मण आपको रोकने की कोशिश कर रहे थे।
इसके जवाब में दादा कहते हैं, “हां बिल्कुल। मैं गलत में था। मेरे पक्ष में वीवीएस था और मेरे पीछे भज्जू (हरभजन सिंह) था। तो जैसे मैंने केवल शर्ट ऊपर करने की कोशिश की तो वीवीएस उसे नीचे खींच कर रख दिया और बोल रहे थे। लगा कि न कर, न कर। भज्जू तब मुझसे कहता है कि मैं क्या करूं, तो मैंने कहा तू भी टी-शर्ट दे। “
गांगुली आगे कहते हैं, “उस समय टीम में काफी अच्छा मिक्योर था। मैं पागल था। भज्जू, जहीर और वीरू और युवराज नॉर्थ इंडियन थे। और फिर राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण भी थे। जो हमेशा टेबल क्लीन करके बैठते थे।”
दादा आगे बताते हैं कि जब एंड्रू फ्लिंटॉफ ने वानखेड़े में जीत के बाद अपनी टी-शर्ट उतारी, तो मैंने कहा चलो लॉर्ड्स में भी कर लेते हैं। हालांकि, मैं अब थोड़ा शर्मिंदा महसूस करता हूं।
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