Home Lifestyle वेजिटेरियन बनाम नॉन वेजिटेरियन में से कौनसी डाइट है बेहतर, जानिए रिसर्च में क्या सामने आया
वेजिटेरियन बनाम नॉन वेजिटेरियन में से कौनसी डाइट है बेहतर, जानिए रिसर्च में क्या सामने आया

वेजिटेरियन बनाम नॉन वेजिटेरियन में से कौनसी डाइट है बेहतर, जानिए रिसर्च में क्या सामने आया

by Sneha Shukla

<पी शैली ="पाठ-संरेखित करें: औचित्य;"> वेजिटेरियन या नॉन वेजिटेरियन में ज्यादा स्वस्थ कौन होता है? ये बहस वर्षों से चली आ रही है और शोधकर्ता किसी सटीक निष्कर्ष तक नहीं पहुंच पाए हैं। कुछ शोध में वेजिटेरियन डाइट और मांस खाने के फायदों का पचा चलता है। लेकिन, चाहे आप वेजिटेरियन हों या नॉन वेजिटेरियन, अच्छा है कि दिल की बीमारी, हाई ब्लड प्रेशर सहित कई बीमारी के खतरे को कम करने के लिए ज्यादा फल और सतर्कता अपनी डाइट में शामिल करें। विशेषज्ञ विशेषज्ञों की सलाह है कि चंद किस्म की सब्जी और दो तरह का फल रोजाना खाना सेहत के लिए ठीक है। मांस भी आपके शरीर के लिए आवश्यक प्रोटीन और कई विटामिनों सहित मिनरल्स का शानदार स्रोत है। लेकिन अत्यधिक सेवन से दिल की बीमारी स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए वेजिटेरियन और नन वेजिटेरियन डाइट से जुड़ी कुछ बातों का ध्यान रखें। ये आपको खुद के लिए बेहतर डाइट के चुनावों में मदद करेंगे। & nbsp;

इस साल के यूरोपीयन कांग्रेस पर ओबसेटी में पेश किए गए शोध से खुलसा हुआ कि शाकाहारी के पास बीमारी का जैव चिह्न मांसाहारियों के मुकाबले ज्यादा स्वस्थ होता है। शोध में 166,000 ब्रिटिश वायस को शामिल किया गया था। ग्लासगो यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने भागीदारों के आहार विकल्पों और उनके ब्लड सहित यूरीन बायोमार्कर की तुलना की जो डायबिटीज, हृदय संबंधी बीमारी, कैंसर, लीवर, किडनी, हड्डी और जोड़ से संबंधित थे। उन्होंने पाया कि नॉन वेजिटेरियन की तुलना में, वेजिटेरियन में 13 बायोमार्कर के काफी कम लेवल थे। लेकिन उसी रिसर्च में ये भी पाया गया कि वेजिटेरियन में मुफीद बायोमार्कर का लेवल कम था। जिन लोगों ने लाल मांस, पोल्ट्री या मछली नहीं खाया, ब्लड में उनके फैट्स का लेवल स्पष्ट रूप से ज्यादा।। & nbsp;

वेजिटेरियन के मुकाबले नॉन वेजिटेरियन का बेहतर मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य & nbsp;

क्रिटिकल रीव्यूज इन फूड साइंस एंड न्यूट्रिशन में पिछले साल एक रिसर्च प्रकाशित हुई थी। वहाँ पाया गया कि जो लोग मांस खाते हैं, उनके मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य वेजिटेरियन के मुकाबले बहुत अच्छे होते हैं। शोध से पता चला कि वेजिटेरियन को डिप्रेशन, चिंता, खुद को नुकसान पहुंचाने की प्रवृत्ति का नॉन वेजिटेरियन के मुकाबले ज्यादा खतरा था। यूनिवर्सिटी ऑफ साउदर्न इंडियाना के शोधकर्ताओं ने मांस का सेवन और मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य के बीच संबंध पर पूर्व के 18 शोध की समीक्षा की। & nbsp;

नॉन वेजिटेरियन के मुकाबले वेजिटेरियन पतले और कम मिलनार होते हैं

एक अन्य शोध में पाया गया कि नॉन वेजिटेरियन की तुलना में वेजिटेरियन के पतले और कम मिलनार होने की संभावना होती है। जितना कम किसी शख्स की डाइट में जानवर के प्रोडक्ट्स होंगे, उतना ही उसके शरीर का वजन और औसत बॉडी मास इंडेक्स होगा। न्यूट्रिशनेट्स पत्रिका में प्रकाशित रिसर्च से ये भी खुलासा हुआ कि किसी शख्स का डायरी विकल्प और उसके व्यक्तित्व के बीच संबंध है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, जो लोग मुख्य रूप से प्लांट-आधारित शिशुओं का इस्तेमाल करते हैं, उनके ज्यादा मिलनार होने की संभावना होती है। & nbsp;

ज्यादा सतर्कता और कम मांस खातिर

मांस का अत्यधिक सेवन, विशेषकर लाल मीट और प्रोसेड मीट्स में फैट ज्यादा होता है, जिसका संबंध मोटापा, दिल की बीमारी, टाइप 2 डायबिटीज, विशेष कैंसर के खतरे और मृत्यु से जुड़ता है। संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए प्लांट-आधारित शिशुओं और कम मांस और पोल्ट्री वाली डाइट बेहतर होती है। मेडिटेरेनियन डाइट को दुनिया की सबसे स्वस्थ डाइट में से एक समझा जाता है। जो लोग इस डाइट का पालन करते हैं, वे अपने लाल मीट का सेवन सीमित करते हैं। इस डाइट को दिल की बीमारी को रोकने और डायबिटीज नियंत्रण में मददगार जाना जाता है।

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