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नई दिल्ली: मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह की चिट्ठी के बाद महाराष्ट्र की सियासत में भूचाल आ गया। इससे सामना करने के लिए रविवार को राजधानी दिल्ली में एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार के घर महाविकास अघाड़ी के नेताओं की बैठक हुई।
सभा का ये सिलसिला दोपहर बाद शुरू हुआ, जब एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार आगरा से दिल्ली लौटे। शाम को सबसे पहले उनसे शिवसेना के नेता और राज्यसभा के सांसद संजय राउत पहुंचे। लगभग आधे घंटे तक पवार और उनकी मुलाकात चली। इस बीच शरद पवार की बेटी और एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले मौजूद थे। पवार और संजय राउत की बैठक के बाद सुप्रिया सुले और संजय राउत काफी देर तक उनके घर के बाहर मौजूद रहे और चर्चा करते रहे। इस मुलाकात के बाद संजय राउत ने एबीपी न्यूज से खास बातचीत में कहा, “मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि इस पर जांच हो जाएगी, इन्वेस्टिगेशन ठीक से हो जाने दो। दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा।”
वहीं, शरद पवार से मुलाक़ात पर संजय राउत ने कहा, “मोदी साहब ने हमेशा कहा है। जब भी मुझे कोई अकर्चन होता है, तो शरद जी की राय लेता है। वे झूठ बोलते हैं तो उन्हें राय क्यों लेते हैं।” वहीं, अनिल देशमुख के इस्तीफे पर दो टूक कहा कि अपोजिशन के कहने पर इस्तीफे लेते हैं तो सबसे पहले केंद्र का आधा हथियार खाली हो जाएगा।
संजय राउत के निकलते ही शरद पवार के घर एनसीपी नेता प्रफुल पटेल पहुंचे। इस बीच उनकी बेटी सुप्रिया घर में मौजूद थीं। प्रफुल पटेल के बाद जयंत पाटिल और अजीत पंवार पहुंचे। उनके पीछे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ भी पहुंचे। लगभग चार घंटे चली बैठक के बाद जयंत पाटिल ने साफ कर दिया कि अनिल देशमुख का इस्तीफा नहीं होगा।
जयंत पाटिल ने कहा, “महाराष्ट्र की सरकार इसकी जांच करेगी। अगर कोई बड़ा अधिकारी इन्वॉल्व हैं तो वहां तक पहुंचने की कोशिश होगी। जांच में कुछ आया तो आरोपी पर कार्रवाई करेंगे। खत के माध्यम से मीडिया का लक्ष्य विचलित करने का प्रयास हो रहा है। ।
दोपहर बाद महाराष्ट्र को लेकर राजधानी दिल्ली में बैठकों में साफ हो गया कि एनसीपी अनिल देशमुख पर अभी वर्तमान में कोई कार्रवाई नहीं होगी। अब देखना होगा कि बीजेपी आगे क्या करती है।
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