Home India श्रीनगर: हज हाउस में बनाया गया 100 बेड का ‘ऑक्सीजन सराय’, सरकार की मदद से समाजसेवी संगठन ने किया तैयार
श्रीनगर: हज हाउस में बनाया गया 100 बेड का 'ऑक्सीजन सराय', सरकार की मदद से समाजसेवी संगठन ने किया तैयार

श्रीनगर: हज हाउस में बनाया गया 100 बेड का ‘ऑक्सीजन सराय’, सरकार की मदद से समाजसेवी संगठन ने किया तैयार

by Sneha Shukla

<पी शैली ="पाठ-संरेखित करें: औचित्य;"> श्रीनगर: देश भर में लोग कोरोना मरीज़ों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। मदद के इस काम में समाजसेवी संगठन भी लगातार अपना योगदान दे रहे हैं। कश्मीर घाटी में भी एक समाजसेवी संगठन ने कोरोना मरीज़ो के लिए ना सिर्फ एक को विभाजित केंद्र शुरू किया है, बल्कि साथ घर में क्वारंटीन मरीज़ो को ऑक्सीजन की कमी होने पर मुफ्त में ऑक्सीजन देने की भी सुविधा दी जा रही है। इसका नाम उन्होंने ‘ऑक्सीजन सराय’ रखा है। & nbsp;

देश के कई हिस्सों में ऑक्सीजन की कमी के कारण मचे हाहाकर को देखते हुए यह सराय बनाने का खयाल आचारोट (ATHROT) नाम के संगठन के कार्यकर्ताओं को आया। आचारोट पहले से ही घरों में क्वारंटीन में रहकर मरीज़ो को ऑक्सीजन सिलेंडर और ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर देने का काम कर रहा है। & nbsp;

लेकिन इस काम में सिलेंडर और कंसेंट्रेटर की कमी के कारण सभी लोगों को मदद नहीं मिल सकती है। इसलिए उन्होंने सरकार से हाथ मिला कर एक कोविड सेंटर और ऑक्सीजन पॉइंट खोलने का फैसला किया। श्रीनगर डिज़ास्टर मैनेजमेंट ऑथॉरिटी और अथरोट वालिंटियर ग्रुप ने राइट्स की शुद्धता को देखते हुए रिकॉर्ड 72 घंटे में श्रीनगर के ट्वीट हाउस को 100 बिस्तर वाला कोविड वेलनेस सेंटर बना डाला।

जहां सरकार ने बिस्तर, बिस्तर और स्वास्थ्य कर्मचारी दिए तो आचारोट वालिंटियर ग्रुप ने ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर्स, दवाई, सैनिटरी होल्डर्स, एम्बुलेंस और हेल्पर दिए हैं। यह सब मरीज़ों को आज़ाद कर देगा। इस कोविद अस्पताल का नाम सराय इसलिए रखा गया है क्योंकि कुछ समय के लिए ज़रूरतमंद लोगों को यहां रोकना और ठीक होने के लिए लौटे।

ग्रुप का नेतृत्व कर रहे बशीर नदीम का कहना है कि जिन मरीज़ों को ऑक्सीजन की ज़रूरत है, वह यहाँ ऑक्सीजन लें और ठीक से घर जाएं। इस कोविड सेंटर में 100 बिस्तर लगाए गए हैं, जिनमें 28 बेड हाई ऑक्सीजन सपोर्ट के हैं और 72 लो ऑक्सीजन सपोर्ट के हैं। उन्होंने कहा कि इस काम में सरकार का बहुत अधिक सहयोग रहा है। & nbsp;

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक उन मरीजों को ऑक्सीजन सराय में भर्ती किया जाएगा, जिन्हें चिकित्सा की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह एक अस्थाई कदम है, जिसका उद्देश्य अस्पतालों के दबाव को कम करना है। & nbsp;

Related Posts

Leave a Comment