हरियाणा: देश में कोरोना की दूसरी लहर कहर मचा रही है। पहले के मुकाबले से ये लहर तेजी से लोगों में फैल रही है। साथ ही प्रतिदिन लाखों की तादाद में लोगों के कुशल होने की खबर मिल रही है। कोरोना के इस बढ़ते मामलों को देखने में एक बार फिर लॉकडाउन की स्थिति पैदा हो गई है। इस वक्त देश के कई राज्यों ने नीट कर्फ्यू की घोषणा की है।
वहीं, पिछले साल लगे हुए लॉकडाउन के कारण जो तस्वीर प्रवासी मजदूरों की देखने को मिली थी वहाँ तस्वीर एक बार फिर देखने को मिल रही है। प्रवासी मजदूरों को बीते साल लॉकडाउन के चलते तमाम तरह की परेशानियों को झेलना पड़ा था। जिसको देखते हुए प्रवासी मजदूरों ने इस बार पूरे लॉकडाउन के डर से पहले ही पलायन शुरू कर दिया है।
मजदूरों के पलायन से उद्योगों में तनाव दिख रहा है
हरियाणा से वापस घर लौटने वाले प्रवासी मजदूरों की लाइन राष्ट्रीय राजमार्ग पर देखने को मिल रही है। वहीं, मजदूरों के इस पलायन से उद्योगों के लिए तनाव बनते दिख रहे हैं। वहीं, पलायन कर रहे मजदूरों का कहना है कि, “बीते साल लगे लॉकडाउन से सबसे ज्यादा परेशानी हम मजदूरों को हुई थी। जब काम मिलना पूरी तरह से बंद हो गया और जेब में एक रुपया नहीं बचा तो हम पैदल ही अपने घर लौट आए। ” मजदूरों ने आगे कहा कि, “इस साल ऐसी स्थिती पैदा ना हो कि हमें पैदल घर वापस जाना पड़े इसलिए हम अभी तक घर लौट रहे हैं।”
3 हजार से अधिक मजदूर अपने घर लौटे
उन्होंने आगे कहा कि, “अब जब लगेगा कि स्थिती ठीक है तो हम वापस लौट आएंगेंगे पर अभी हमारी वापसी ही उचित है।” आपको बता दें, रात्रि कर्फ्यू के ऐलान के बाद से हरियाणा के सोनीपत से अब तक 3 हजार से अधिक मजदूर पलायन कर अपने घर के लिए निकल चुके हैं। धार्मिकों ने कहा कि, “पहले ही उन्हें किसान आंदोलन के कारण काम मिलने में समस्या आ रही है जबकि अब अगर पूरी लॉकडाउन लगा दी गई तो जीना मुश्किल हो जाएगा।”
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