बॉलीवुड एक्ट्रेस शर्मिला टैगोर (शर्मिला टैगोर) ने 60 और 70 के दशक में कई फिल्मों में काम किया। उनकी खूबसूरती और अदाकारी उस दौर में काफी चर्चा का विषय थी। शर्मिला की नानी रविंद्रनाथ टैगोर के भाई की पोती थीं। शर्मिला की मां रविंद्रनाथ को बहुत मानती थी, उनकी दी हुई किताबों और पेंटिग्स को वो बहुत संभाल कर रखती थीं, इसके उलट शर्मिला बहुत ही मस्त मौला और बेफ्रिक लड़की थीं।
एक बार शर्मिला की मां ने उन्हें रवींद्रनाथ टैगोर के हाथों से चीनी की हुई एक नॉबेल दी और कहा, ‘ये बहुत अनमोल है, इसे संभाल कर रखना।’ शर्मिला को लगा कि इस किताब को खुद रविंद्रनाथ ने किन किया है, इसे अपने स्कूल में ले जा कर अपने दोस्तों को दिखाउंगी। शर्मिला उस किताब को अगले दिन स्कूल ले गई और सबको दिखाई, इससे पूरे स्कूल में शर्मिला के नाम की चर्चा होने लगी। जब शाम को वह घर आईं तो देखा कि वह किताब उनके बैग में नहीं है।
माँ के इतने समझाने के बाद भी शर्मिला ने वो किताब खो दी। डरते-डरते शर्मिला ने ये बात अपनी मां को बताई तो वो इतनी नाराज हो गईं कि कई महीनों तक शर्मिला से बात तक नहीं की गई। इस घटना का शर्मिला पर बहुत गहरा असर पड़ा कि इसके बाद उन्होंने अपनी चीजों का रख करना शुरू कर दिया और अपनी जिंदगी को बहुत ही सकारात्मक तरीके से जी।
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