भारत और चीन के बीच हुआ 11 वें दौर की सैन्य वार्ता में देश ने पूर्वी लद्दाख के हॉट स्प्रिंग, गोगरा सहित गतिरोध वाले भागों से सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर जोर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, एलएसी पर चुशुल सीमा क्षेत्र पर कोरंदर के स्तर की 11 वें दौर की बैठक साढ़े दस बजे शुरू हुई जो रात करीब 10 बजे तक चली गई।
20 फरवरी को 10 वें दौर की बैठक हुई थी
बताया जा रहा है कि इस बैठक पर केवल बात पर जोर दिया गया कि गतिरोध वाले शेष स्थानों से जल्द ही जल्द सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया को शुरू किया जाए। आपको बता दें, 20 फरवरी को 10 वें दौर की बैठक हुई थी जो करीब 16 घंटे चली थी। इस बैठक में दोनों देशों की सेनाओं ने उत्तरी और दक्षिणी क्षेत्रों सहित प्लागोंग झील को अपने सैनिकों को हटाने के लिए राजी किया था।
देश कोone कम तो हुआ है लेकिन अभी तक खत्म नहीं हुआ- एम एम नरवने
आपको बता दें, मार्च के महीने में थल सेना प्रमुख जनरल एम। एम नरवने ने कहा था कि, पैंगोंग के पास के इलाकों से सैनिकों के पीछे हटने से देश को खतरा कम तो हुआ है लेकिन अभी खत्म नहीं हुआ है। बताते चले, पिछले साल भारत और चीन की सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद तनावपूर्ण स्थिति पैद हो गई थी। जिसके बाद दोनों देशों ने हजारों की तादाद में सैनिकों को उसी इलाके में तैनात कर दिया था।
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