Home Breaking News अहमदनगर : एक दिन में 42 कोरोना मृतकों का अंतिम संस्कार, 22 शवों को चंद लकड़ियों में जलाया
एक साथ जलती चिताएं....

अहमदनगर : एक दिन में 42 कोरोना मृतकों का अंतिम संस्कार, 22 शवों को चंद लकड़ियों में जलाया

by Sneha Shukla

एक साथ जलती चिताएं …।
– फोटो: यूट्यूब हड़पने

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कोरोनावायरस के कारण एक के बाद जान गंवा रहे लोगों की अंतिम विदाई भी किन बुरे कार्यों में हो रही है, इसका नजारा आए दिन दिखने लगा है। महाराष्ट्र के अहमदनगर में एकरेंस में एक के ऊपर एक 12 यात्रियोंें रखकर शमशान घाट तक पहुंच जाने का मामला अभी बहुत पुराना नहीं हुआ है कि एक और इस मामले के सामने आ गया। गुरुवार देर रात छह शव एक के ऊपर एक एकर्न्स में अंतिम संस्कार के लिए पहुंचाए गए।

गुरुवार मध्य रात्रि से शुक्रवार दाेपहर तक श्मशान घाट में कुल 42 प्रतिमाएं पहुंचाई गईं। इनमें से 20 का विद्युत शवदाहिनी में तो 22 शवों को चंद लकड़ियों में ही डीजल डालकर अग्नि दे दी गई।

यहां हालात इतने खराब दिखे कि दा संस्कार करने वाले लोगों के पास शिशुओं तक मौजूद नहीं थे और उनके चेहरे भी मुंह से खिसके नजर आ रहे थे।

स्वास्थ्य कारणों से मृतकों के परिजनों को अंतिम संस्कार के वक्त उपस्थित रहने की इजाजत नहीं दी गई जिसके कारण रोष पड़ गए।]इनका प्रश्न है कि अंतिम समय में भी प्राणों की इतनी बेकद्री क्यों की गई।

शमशान घाट में छह शवों को एक के ऊपर एक रखकर जलाए जाने का वीडियो सामने आने के बाद नगर निगम के कमिश्नर शंकर गोरे ने कहा कि एक साथ छह शवों को जलाना अमानवीय है। इस मामले की जांच कराकर दोषी के खिलाफ प्रकरण कार्रवाई की जाएगी। पूर्व मंत्री और भाजपा नेता राधाकृष्ण विक्की पाटिल ने भी इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।

विस्तार

कोरोनावायरस के कारण एक के बाद जान गंवा रहे लोगों की अंतिम विदाई भी किन बुरे कार्यों में हो रही है, इसका नजारा आए दिन दिखने लगा है। महाराष्ट्र के अहमदनगर में एकरेंस में एक के ऊपर एक 12 यात्रियोंें रखकर शमशान घाट तक पहुंच जाने का मामला अभी बहुत पुराना नहीं हुआ है कि एक और इस मामले के सामने आ गया। गुरुवार देर रात छह शव एक के ऊपर एक एकर्न्स में अंतिम संस्कार के लिए पहुंचाए गए।

गुरुवार मध्य रात्रि से शुक्रवार दाेपहर तक श्मशान घाट में कुल 42 प्रतिमाएं पहुंचाई गईं। इनमें से 20 का विद्युत शवदाहिनी में तो 22 शवों को चंद लकड़ियों में ही डीजल डालकर अग्नि दे दी गई।

यहां हालात इतने खराब दिखे कि दा संस्कार करने वाले लोगों के पास शिशुओं तक मौजूद नहीं थे और उनके चेहरे भी मुंह से खिसके नजर आ रहे थे।

स्वास्थ्य कारणों से मृतकों के परिजनों को अंतिम संस्कार के वक्त उपस्थित रहने की इजाजत नहीं दी गई जिसके कारण रोष पड़ गए।]इनका सवाल है कि अंतिम समय में भी शिष्यों की इतनी बेकद्री क्यों की गई।

शमशान घाट में छह शवों को एक के ऊपर एक रखकर जलाए जाने का वीडियो सामने आने के बाद नगर निगम के कमिश्नर शंकर गोरे ने कहा कि एक साथ छह शवों को जलाना अमानवीय है। इस मामले की जांच कराकर दोषी के खिलाफ प्रकरण कार्रवाई की जाएगी। पूर्व मंत्री और भाजपा नेता राधाकृष्ण विक्की पाटिल ने भी इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।

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