Home Breaking News ममता को नंदीग्राम में गड़बड़ी का शक, EC पहुंची TMC; कहा- BJP शासित राज्यों की ना लगाएं फोर्स
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ममता को नंदीग्राम में गड़बड़ी का शक, EC पहुंची TMC; कहा- BJP शासित राज्यों की ना लगाएं फोर्स

by Sneha Shukla

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले फेज के लिए वोटिंग हो चुकी है और अब पार्टियों की नजरें दूसरे चरण के चुनावों पर हैं। बीजेपी नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जहां पहले फेज की 30 में से 26 साल जीतने का दावा कर चुके हैं, तो वहीं, तृणमूल कांग्रेस भी चुनावों में जीतकर फिर से सरकार बनाने का दावा करती रही है। इस बीच, टीएमसी के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को बंगाल के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर (सीईओ) से मुलाकात करके आगामी फेज में बीजेपी से आई फोर्स को तैनात नहीं करने की मांग की है। इसके साथ ही टीएमसी ने कभी ममता बनर्जी के करीबी रहे और अब उनके सामने नंदीग्राम से चुनाव लड़ने वाले शुभेंदु अधिकारी की भी शिकायत की है।

‘बीजेपी शासित राज्यों से न तैनात करें फोर्स’
टीएमसी अभ्यावेदन ने बंगाल के सीईओ से मुलाकात करते हुए पूर्व मिदनापुर से सभी असामाजिक तत्वों को तुरंत प्रिवेंटिव कस्टडी में लेने की मांग की है, ताकि वहां पर स्वतंत्र और निर्दलीय चुनाव सुनिश्चित हो सकें। प्रतिनिधित्वमंडल ने यह भी मांग की है कि पूर्व मिदनापुर में दूसरे चरण के चुनावों के दौरान यूपी, एमपी, बिहार और कोई भी अन्य बीजेपी / एनडीए शासित राज्यों से सशस्त्र बलों न की जाए। इससे बचना चाहिए। चुनाव अधिकारी से मुलाकात करते हुए टीएमसी नेताओं ने शुभेंदु अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अभ्यावेदन ने कहा है कि अधिकारी उन अपराधियों को शरण दे रहे हैं, जोकि नंदीग्राम के निवासी भी नहीं हैं। इस कारण से चुनाव आयोग तुरंत ही अधिकारी द्वारा दिए गए दिए जा रहे अपराधियों के खिलाफ आवश्यक कदम उठाया है।

पहले भी चुनाव आयोग से मिली हुई टीएमसी है
इससे पहले, टीएमसी सांसद सुदीप बंदोपाध्याय के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को निर्वाचन आयोग से वह नियमों को फिर से लागू करने की अपील की, जिसके तहत पोलिंग एजेंट का उस मतदान केंद्र का मतदाता होना अनिवार्य था, जहां का उसे एजेंट बनना था। होता था। आयोग ने पिछले सप्ताह पोलिंग एजेंट के लिए नियमों में संशोधन करने का निर्णय लिया, जिसके तहत कोई भी दल उस विधानसभा क्षेत्र के अंदर के किसी भी व्यक्ति को बल्लेबाजी एजेंट नियुक्त कर सकता है, जो उस क्षेत्र का मतदाता हो सकता है। सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा था कि बीजेपी के ज्ञापन देने के बाद निर्वाचन आयोग ने उसी स्थान से पोलिंग एजेंट नियुक्त किए जाने की पुरानी परंपरा को बदल दिया है और इससे पहले चरण में मतदान केंद्रों में काफी समस्याएं आईं, क्योंकि एक-दूसरे को पता ही है। नहीं हैं।

अगले फेज में ममता वर्सेज शुभेंदु का मुकाबला
बंगाल के विधानसभा चुनाव का अगला चरण एक अप्रैल को होना है। इस फेज की वोटिंग में ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच भी मुकाबला होगा। नंदीग्राम विधानसभा सीट पर इस बार ममता और शुभेंदु के बीच जोरदार टक्कर हो सकती है। इस क्षेत्र को शुभेंदु अधिकारी और उनके परिवार का गढ़ भी माना जाता है। वहीं, कभी ममता बनर्जी भी कभी अपने करीबी रहे शुभेंदु और उनके परिवार पर हमला बोलने से चूक नहीं रही हैं। उन्होंने हाल की रैली में कहा था कि उन्हें सुनाई दी है कि अधिकारी परिवार ने पांच हजार करोड़ से अधिक की संपत्ति बना ली है, जिसकी वह सरकार आने पर जांच करवाएगी। इस बयान पर शुभेंदु अधिकारी ने पलटवार करते हुए कहा कि ममता को पहले अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी को देखना है।



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