[ad_1]
कोरोना प्रभाव: दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर दिल्ली सरकार ने शादी समारोह में शामिल होने वालों की संख्या कम कर दी है। अब बन्द जगह जैसे बैंक्वेट हॉल में अधिकतम 100 लोग समारोह में शामिल हो सकते हैं और ओपन स्पेस जैसे गार्डन आदि में अधिकतम 200 लोग शामिल हो सकते हैं। कोरोना संक्रमण को देखते हुए सरकार ने निर्णय लिया है कि हालांकि इसका असर बैंक्वेट हॉल जैसे व्यवसाय चलाने वाले लोगों पर पड़ रहा है।
85 प्रतिशत तक घट गई है शादियों का कारोबार
पिछले साल लॉकडाउन के समय बैंक्वेट हॉल लगभग साल भर बंद रहा। नवंबर, दिसंबर के महीने में जब शादियों का समय था तब तक भी कोरोना के मामले बढ़ने के कारण व्यापार मंदा रहा था और इस सीजन में जब व्यापार बढ़ने की उम्मीद जगी तो कोरोना के मामले में फिर से प्रगति हुई। बैंक्वेट हाल के व्यवसायी का कहना है कि बिज़नेस 85 प्रति तक घट गया है।
दिल्ली के कड़कड़डूमा इलाके में हॉलमार्क बैंक्वेट हॉल चलाने वाले नवीन गुप्ता का कहना है, ”13 अप्रैल से सीज़न शुरू हो रहा था और 30 तारीख तक चलना है, इसमें लगभग 80 बुकिंग थीं, जिसमें से 50-52 साल कैंपेन हो चुके हैं। लोगों की संख्या कम होने पर अब ज़्यादातर लोग बुकिंग कैंसिल करने को कह रहे हैं। उनका कहना है कि अगले सीज़न में देख लेंगे। ”
लेबर को पैसे देने तक के पैसे नहीं- मंडप व्यवसायी
नव ने आगे बताया, ” मई के महीने की हमारी लगभग सारी बुकिंग कैंसिल हो गई हैं, 2-4 ही काम बाकी है। लगभग 85% काम खत्म हो गया है और 15% काम ही बाकी है। बड़ी कठिनाई ये है कि खर्चे तो पूरे हो जाओ, जो लेबर लगाई हुई है, उन्हें पैसे कहां से लाकर दें? जो लोग कैंसिल करा रहे हैं, उनके पैसे वापस दे रहे हैं। बहुत से लोगों ने तो पैसे वापस ले भी लिए हैं। जिन्होंने 200 दिनों का आह्वान किया था, अब 100 को ही बुलाना है, इसलिए वह कम करेगा। यही कारण है कि लोग अगले सीज़न का इंतज़ार कर रहे हैं। ”
व्यापार के लिहाज़ से बाद सीज़न भी इन व्यवसायों के लिए विशेष नहीं रहा था। नव गुप्ता ने कहा, ” काम के हिसाब से कल सीज़न भी खराब रही और ये सीज़न भी पिटा हुआ। पिछली बार 200 लोगों की अनुमति थी इस बार 100 लोगों की ही है, ऐसे में हम क्या करेंगे। इतना सारा स्टाफ है उन्हें तन्ख्वाह देनी होती है, खर्चे पूरे नहीं होते, किराया नहीं निकलता, लाइट का बिल तक का खर्चा नहीं निकल पाता। पिछले 1 साल से नुकसान के अलावा कुछ नहीं है। इतना नुकसान है कि ये धंधा बंद होने की कगार पर है। 150 लोगों का स्टाफ 80-85 लोग ही रह गए थे। कोरोना में बैंक्वेट और केटरिंग जैसे व्यापार बिल्कुल खत्म हो गए हैं। ”
अप्रैल से शुरू हो रहा है शादियों का सीज़न
दरअसल 27 मार्च 2021 के आदेश में दिल्ली सरकार ने दिल्ली में बन्द जगह की तरह बैंक्वेट हाल में शादी समारोह में शामिल होने वाले अधिकतम लोगों की संख्या भाकर 100 कर दी है, जबकि इससे पहले अधिकतम 200 लोग इकठ्ठे हो सकते थे। इसके साथ ही किसी खुली जगह जैसे ग्राउंड में शादी समारोह में अधिकतम 200 लोगों के इकट्ठे होने की अनुमति है जबकि पहले इस पर कोई सीमा नहीं थी। अप्रैल से शादियों का सीज़न शुरू हो रहा है। ऐसे में जिन लोगों ने पहले से बुकिंग कराई थी, वे अपनी बुकिंग कैंसिल करा रहे हैं या कम मेहमानों की संख्या के चलते रिफंड की भी मांग कर रहे हैं। जिसका असर इस व्यवसाय से जुड़े लोगों पर पड़ रहा है।
यह भी पढ़ें-
कोरोनावायरस: महाराष्ट्र सरकार ने गया कोरोना टेस्ट का रेट्रो, पिछले 24 घंटे में 39544 नए मामले आए
एक अप्रैल को ही क्यों शुरू होता है फाइनेंशियल ईयर, जानें- कब और कैसे हुई इसकी शुरुआत
।
[ad_2]
Source link
