कोरोना महामारी के बढ़ते खतरे को देखते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कोटव ठाकरे ने पीएम नरेंद्र मोदी को एक खत लिखते हुए कुछ शासकों की मांग की है। कोटव ठाकरे ने खत में कहा है कि कोरोना के बढ़ते हालात को देखते हुए जीएसटी रिटर्न फाइल करने के डेट को 3 महीने के लिए आगे बढ़ा दिया जाए, ताकि छोटे और मध्यम करदाताओं को सहूलियत हो सके। ठाकरे ने यह भी कहा है कि न केवल महाराष्ट्र, बल्कि पूरे देश में ऐसा करने की जरूरत है।
कोटव ठाकरे ने यह भी मांग की है कि कोरोना को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए, जिससे राज्य डिजास्टर रेस्पॉन्स फंड (एसडीआरएफ) का इस्तेमाल किया जा सके। इसके अलावा एसडीआरएफ की पहली क़िस्त केंद्र सरकार ने तत्काल जारी की। मिनी लॉकडाउन की वकालत करते हुए उन्होंने यह भी मांग की है कि राज्यों को अंत्योदय अन्न योजना के तहत हरद को रोजाना 100 / – और बच्चों को 60 रुपये देने का अधिकार मिलना चाहिए।
कोटव ठाकरे ने पीएम मोदी को लिखित खत में कहा है कि कई लघु उद्योगों, स्टार्टअप्स, बिजनेसमैन ने सरकार की कई योजनाओं के तहत लोन ले रखा है। अब कोरोना को देखते हुए इनको रियायत देने की जरूरत है। कोरोना के खतरे बढ़ने के साथ ही इनकी मुश्किलें भी बढ़ी हैं। सरकार को चाहिए कि वह उन्हें राहत देने का ऐलान करे।
उद्धव ठाकरे ने सरकार से अनुरोध किया है कि बैंक नए वित्तीय वर्ष के पहले 3 महीने की क़िस्त और ब्याज वसूल न करें। ये सहायता के लिए कठिन समय में यह सहायता होगी।
बता दें कि महाराष्ट्र में एक दिन पहले बुधवार को कोरोनावायरस संक्रमण के 58,952 नए मामले सामने आये, जबकि 278 और संभावितों की मौत हो जाने से कुल मृतक संख्या 58,804 पहुंच गई। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने इसकी जानकारी दी।
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