नई दिल्ली: केंद्रीय चुनाव आयोग ने आदेश दिया है कि कूचबिहार में जिस पोलिंग स्टेशन पर आज हिंसा की घटना हुई है, उस कूचबिहार जिले की परिधि के इर्द-गिर्द अगले 72 घंटे तक किसी राजनैतिक दल का कोई नेता नहीं होगा।
केंद्रीय चुनाव आयोग ने यह भी साफ कर दिया है कि पश्चिम बंगाल के चीफ सेक्रेटरी और पुलिस के आला अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि केंद्र चुनाव आयोग के इस आदेश का पूरी तरह से अमल हो।
केंद्रीय चुनाव आयोग ने अपने आदेश में साफ तौर पर कहा है कि अभी तक घटना में मृतक लोगों का अंतिम संस्कार भी नहीं हुआ है ऐसे में अगर कोई राजनेता वहां पर होगा तो माहौल खराब होने का अंदेशा बना रहेगा। इससे क्षेत्र के साथ ही कई और इलाकों का भी वातावरण बिगड़ सकता है। इसके कारण निष्पक्ष चुनाव करवाने की चुनाव आयोग की कोशिश पर भी असर पड़ सकता है।
केंद्रीय चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के मौजूदा हालात को देखते हुए अब पांच चरण से पहले प्रचार खत्म होने का वक्त 72 घंटे का कर दिया है अभी तक यह 48 घंटे का होता था।
केंद्रीय चुनाव आयोग को विशेष आब्जर्वर से मिली रिपोर्ट में यही पता चला है कि कूचबिहार में आज घटी घटना सेल्फ डिफेंस में की गई फायरिंग की वजह से हुई है क्योंकि अगर वहां हालात काबू नहीं किए गए तो फिर मतदान करने आए लोगों की जान को खतरा हो गया है। था।
बता दें पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले में शनिवार को स्थानीय लोगों के जरिए हमला किए जाने के बाद एनएसएफ ने कथित तौर पर गोलियां चलाई, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई। वहाँ ऐसा आरोप है कि स्थानीय लोगों ने आरएसएफ जवानों की राइफलें छीनने की कोशिश की। दूसरी ओर टीएमसी ने दावा किया कि मारे गए चार लोग उसके समर्थक थे। इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कल कूचबिहार में घटनास्थल का दौरा करने की बात कही, जहां आज चार लोगों की मौत हो गई।
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