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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तरफ से धर्म के आधार पर एक रैली के दौरान वोटों की अपील करने और उसके बाद बीजेपी की ओर से इस बारे में शिकायत के बाद चुनाव आयोग ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया। चुनाव आयोग की ओर से गुरुवार को ममता बनर्जी को नोटिस जारी किया गया। इसके साथ ही, ममता को चुनाव आयोग की ओर से जवाब देने के लिए 48 घंटे की मोहलत दी गई।
ममता ने कहा- अपना काम ठीक से करिए
उधर, चुनाव आयोग से मिली नोटिस के बाद बौखलाईं पश्चिम बंगाल की सीएम ने भारतीय जनता पार्टी पर जोरदार हमला करते हुए उस पर देश को बेचने का आरोप लगा दिया। उन्होंने कहा- “आपने देश बेच दिया है। आपने मेरे बारे में झूठ बोलने के लिए राष्ट्रीय मीडिया से कहा है। आपने मेरे खिलाफ शिकायत दर्ज की है। ” बंगाल सीएम ने कहा- “जब उन्होंने हिंदू-मुस्लिम के बारे में बात की तो नरेन्द्र मोदी और बीजेपी नेताओं के खिलाफ कोई शिकायत क्यों नहीं की गई? उनके खिलाफ कोई शिकायत दर्ज क्यों नहीं की गई? ममता बनर्जी हिंदू, मुस्लिम, सिखाना, ईसाई सबके लिए हैं। ”
ममता की चुनाव आयोग से अपील
ममता बनर्जी ने कहा- मैं केंद्रीय वर्गों का सम्मान करती हूं। लेकिन मेरे पास उन लोगों के लिए शून्य सम्मान है जो बीजेपी की कठपुतली हैं और माताओं और बहनों को डराने की कोशिश करते हैं, ताकि वे बीजेपी को वोट दें। उन्होंने चुनाव आयोग से कहा- “आप अमित शाह की बात मत कीजिए। हमारी बात भी मतलबी। लेकिन अपना काम ठीक होगा
गौरतलब है कि ममता बनर्जी ने हुगली के तारकेश्वर में 3 अप्रैल को रैली के दौरान कथित तौर पर यह अपील की थी कि अल्पसंख्यकों के वोटों का अलग-अलग पक्षों में विभाजन नहीं होना चाहिए। इसके बाच चुनाव आयोग ने उनके इस बयान को दोहराए जाने के लिए दी पीपुल एक्ट के सेक्शन 123 और आचार संहिता के विभिन्न प्रवाह का उल्लंघन करते हुए जवाब देने को कहा था।
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