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तिरुवनन्तपुरम: केरल के वोटर्स कल यानी 6 अप्रैल को 140 विधानसभा सीटों के उम्मीदवारों की किस्मत को ईवीएम में कैद कर देंगे। केरल की इन 140 सीटों पर कुल 957 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। इनमें 123 महिलाएं और एक ट्रांसजेंडर शामिल हैं। केरल में त्रिकोणीय मुकाबला है, जिसमें एलडीएफ, यूडीएफ और बीजेपी में मुख्य टक्कर है।
केरल चुनाव में इस बार कुछ ऐसी घटनाएं हैं, जिनपर हर किसी की निगाहें टिकी हुई हैं, जानिए उनके बारे में:
इमाम: 2016 के विधानसभा चुनाव में नेमम उस वक्त राष्ट्रीय सुर्खियों में रहा था, जब बीजेपी ने केरल चुनाव में अपने स्टार उम्मीदवार और पूर्व केंद्रीय मंत्री ओ। राजगोपाल की बदौलत अपनी जीत का खाता खोला था। राजगोपाल ने एलडीएफ के नेता सिवनकुट्टी और यूडीएफ के उम्मीदवार और राज्य के पूर्व मंत्री वी। सुरेंद्रन पिल्लई को शिकस्त दी थी। कांग्रेस ने यहां से वर्तमान सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री के। करुनाकरण के पुत्र के। मुरलीधरन को अपना उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं बीजेपी ने इस सीट को फिर अपने पाले में करने के लिए मेघालय के पूर्व राज्यपाल कुम्मानम राजशेखरन को चुनावी मैदान में उतारा है।
कोटिनी सीट: सबरीमाला विवाद के दौरान प्रदर्शन का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा कोनी विधानसभा सीट पर इस बार सबकी नज़रें हैं। यहां बीजेपी ने अपने प्रदेशाध्यक्ष के सुरेंद्रन को मैदान में उतारा है।
धर्मकर्म: उत्तरी केरल के कन्नूर जिले की धर्मपुर विधानसभा सीट सिर्फ इस कारण से महत्वपूर्ण हो जाती है कि यहां से केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन चुनावी मैदान में हैं और फिर से अपनी सीट को बचाने की कोशिश करेंगे।
पालक्काड: बीजेपी की ओर से ‘मेट्रो मैन’ ई। श्रीधरन कांग्रेस के मौजूदा विधायक शफी परमबिल को चुनौती देंगे।
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