नई दिल्लीकोलकाता पुलिस ने मंगलवार (4 मई, 2021) को राज्य भाजपा मुख्यालय के पास जेपी नड्डा के कार्यक्रम के लिए स्थापित मंच को तोड़ दिया, सूत्रों ने ज़ी मीडिया को बताया।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को धरने पर बैठना पड़ा 6 में राज्य प्रमुख दिलीप घोष के साथ, मुरलीधर सेन लेन, जो राज्य भाजपा मुख्यालय है। बीजेपी कार्यकर्ताओं की कथित हत्याओं के लिए न्याय की मांग के लिए बुधवार को सुबह 9:30 बजे इसे बंद कर दिया गया चुनाव के बाद की हिंसा के परिणाम।
हालांकि, सूत्रों ने ज़ी मीडिया को बताया कि ‘धरना’ अब हेस्टिंग्स कार्यालय में होगा।
इससे पहले 4 मई को नड्डा उन भाजपा कार्यकर्ताओं के परिवारों से मिले जो हिंसा से प्रभावित थे पश्चिम बंगाल में और कहा कि स्वतंत्र भारत में, ‘यह बहुत असहिष्णुता आज तक अभूतपूर्व है।’
भारी मन से, हमारे कर्यकर्ता, श्री अभिजीत सरकार के परिवार से मिले, जो कोलकाता के बेलियाघाटा में हुई पोस्ट-पोल हिंसा में बेरहमी से मारे गए थे। हम लोकतांत्रिक तरीके से क्रूर टीएमसी के साथ इस वैचारिक लड़ाई को लड़ेंगे। हम अपने कर्मकार्टों के साथ कठोरता से खड़े हैं। pic.twitter.com/o7XjjHyXNI
– जगत प्रकाश नड्डा (@JPNadda) 4 मई, 2021
भाजपा प्रमुख ने पीटीआई समाचार एजेंसी के हवाले से कहा, “मैंने विभाजन के दौरान हुए अत्याचारों के बारे में सुना था, लेकिन मैंने चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद पश्चिम बंगाल में ऐसी कोई भी हिंसा नहीं देखी।”
पश्चिम बंगाल के प्रतापनगर, सोनारपुर में टीएमसी द्वारा की गई हिंसा के कारण हमारे करिकारों को भारी हिंसा का सामना करना पड़ा है। असहिष्णुता तुम्हारा नाम ममता है। हम इन सभी बातों को लोगों के सामने रखेंगे और प्रत्येक कार्याकार्य को न्यायपूर्ण तरीके से न्याय प्रदान करेंगे।
– जगत प्रकाश नड्डा (@JPNadda) 4 मई, 2021
उन्होंने कहा, “हम इस वैचारिक लड़ाई और टीएमसी की गतिविधियों से लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो असहिष्णुता से भरी है।”
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