RBSE कक्षा 10, 12 परीक्षा 2021: कोरोनाइरस की दूसरी लहर को देखते हुए राज्य सरकार ने मूल्यांकन माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (बीएसईआर), अजमेर द्वारा आयोजित की जाने वाली 10 वीं व 12 वीं बोर्ड की परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है। वहीं कक्षा आठवीं, नौंवीं और 11 वीं के छात्रों को भी उनकी अगली कक्षाओं में प्रोन्नत किया जाएगा।
मुख्यमंत्री अशोक गेहलोत की शिक्षा राज्य मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा से चर्चा के बाद इस संबंध में निर्णय लिया गया है।
8 वीं, 9 वीं और 11 वीं के छात्र भी प्रोन्नत होंगे:
इसके साथ ही राज्य सरकार ने आठवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं को नौवीं में, कक्षा नौवीं के छात्र-छात्राओं को 10 वीं में और 11 वीं कक्षा के छात्रों को 12 वीं कक्षा में प्रोन्नत करने का भी फैसला किया है।
माननीय मुख्यमंत्री @ ashokgehlot51 जी ने शिक्षा मंत्री @ गोविंददाससरा जी से चर्चा के बाद कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की कक्षा 10 और 12 की परीक्षाएं विज्ञापन करने और कक्षा 8, 9 और 11 के छात्रों को अगली कक्षा में प्रमोट करने का निर्णय लिया गया है। pic.twitter.com/422YrVNEep
– शिक्षा विभाग, राजस्थान (@rajeduofficial) 14 अप्रैल, 2021
बुधवार को मुख्यमंत्री अशोक गेहलोत की बढ़त में विभिन्न दलों के नेताओं, एनजीओ और धार्मिक नेताओं के साथ हुई बैठक में बुधवार को यह फैसला लिया गया।
इस दौरान शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने सलाह दी कि कक्षा 10, 12 की बोर्ड परीक्षाओं को प्रभावित किया जाना चाहिए। 15-20 दिन में स्थिति सामान्य होने की परीक्षाओं की नई तिथियों पर विचार किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि इस कक्षा में 8 बोर्ड परीक्षा भी रद्द करनी चाहिए और छात्रों को अगली कक्षा में प्रोन्नत किया जाना चाहिए। मौजूदा परिस्थितियों में बेहतर होगा कि स्कूलों को बंद कर दिया जाए।
इस प्रकार पहले मूल्यांकन के शिक्षा विभाग ने पहले ही पहली कक्षा से 5 वीं तक के छात्रों को प्रोन्नत करने का फैसला ले लिया है।
कोरोना नियंत्रण में सरकार का अपना समर्थन सुनिश्चित करते हुए प्रतिपक्ष के उप नेता राजेंद्र सिंह राठौर ने इस दौरान कहा कि हालात पर काबू पाने के लिए और सख्त कदम उठाने चाहिए। दूसरे राज्यों से आने वाले यात्रियों को बिना टेस्ट और बिना पूछे के राज्य में प्रवेश नहीं मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कोरोना दूसरी लहर पहले के मुकाबले ज्यादा खतरनाक है, लेकिन लोग गंभीर नहीं हैं। इस संबंध में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है।
उल्लेखनीय है कि राजस्थान सरकार ने कोरोनावायरस संक्रमण को देखते हुए सरकारी स्कूलों में सातवीं कक्षा तक मौजूदा शिक्षा सत्र में कोई परीक्षा नहीं कराने का फैसला पहले ही कर लिया था। इन श्रेणियों के बच्चों को आकलन के आधार पर अगली कक्षा में प्रोन्नत किया जाएगा।
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