मुंबई: बीआर चोपड़ा के बेहद लोकप्रिय टीवी शो ‘महाभारत’ में इंद्र भगवान का रोल निभानेवाले हिंदी-पंजाबी फिल्मों के जाने-माने अभिनेता सतीश कौल की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई है। एक सप्ताह कोरोना पॉजिटिव आने के बाद उन्हें फरवरी के श्री रामा चैरिटेबल ट्रस्ट अस्पताल में दाखिल कराया गया था। वे 72 वर्ष के थे।
पिछले कुछ वर्षों से सतीश कौल की देखभाल करती हुई आई उनकी करटेकर सत्या देवी ने फ़ोन से इस खबर की पुष्टि करते हुए एबीपी न्यूज़ को बताया कि उनका अंतिम संस्कार हिंदी में रविवार के दिन किया जाएगा। सतीश कौल ने तकरीबन 300 हिंदी और पंजाबी फिल्मों में काम किया था। बेहद लोकप्रिय सीरियल्स ‘महाभारत’, ‘सर्कस’ और ‘विक्रम बेताल’ में भी अलग-अलग किरदारों में नजर आए।
बीमारी और आर्थिक तंगी
हालांकि सतीश कौल की जीवन बीमारी और आर्थिक तंगी में गुजर रही थी। फरवरी में एक छोटे से मकान में रहने के लिए मजबूर सतीश कौल को पिछले साल लॉकडाउन के दौरान हर महीने अस्थायी और अपनी दवाईयों के लिए लगने वाले पैसों के लिए भी काफी जद्दोजहद करनी पड़ रही थी।
तकरीबल 6 पहले पटियाला में गिरने की वजह से हिप बोन फैक्ट्री के शिकार होने के बाद उन्हें चंडीगढ़ के अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था। इस बीमारी की मार से वो मरने तक उभर नहीं पाए थे। वर्षों बाद भी वे ठीक से चलने-फिरने की हालत में नहीं थे। ढाई साल अस्पताल में रहने के बाद सतीश कौल डेढ़ साल तक वृद्धश्रम में भी रहे।
फ्लैट बेच दिया
तकरीबन 25 साल पहले माता-पिता के कैंसर के इलाज के लिए उन्होंने ढाई लाख रुपये में मुंबई में वर्सोवा स्थित अपना फ्लैट बेच दिया था। बाकी बचे पैसों से छोटी बहन की शादी भी की। कुछ साल पहले फरवरी में एक एक्टिंग स्कूल भी पार्टनरशिप में खोला गया था, लेकिन उसमें भी 20 लाख रुपये से भी ज्यादा का नुकसान उठाना पड़ा था।
सतीश कौल ने पिछले साल एबीपी न्यूज से फोन पर बात करते हुए कहा था, ‘ऐसा नहीं है कि अपना सबकुछ गंवा देने के बाद और बीमार होने के बाद से मुझे लोगों से मदद हासिल नहीं हुई। कुछ साल पहले मुझे सरकारी मदद के तौर पर 5 लाख रुपये भी मिले थे, लेकिन धीरे-धीरे पूरे पैसे से इलाज और दवाईयों पर खर्च हो गए। ‘
उल्लेखनीय है कि शादी के एक साल बाद ही सतीश कौल का अपनी पत्नी से तलाक हो गया था। पत्नी ने दूसरी शादी कर ली और बेटे को लेकर डर्बन (दक्षिण अफ्रीका) चली गई। खुद को सतीश कौल का फैन बताने वाली सत्या देवी पिछले 7 सालों से उनका रख रखती थीं। चार बच्चों की मां और 69 साल की सत्या देवी और सतीश कौल के रिश्ते को लेकर भी लोगों ने मुखियां उठाईं, लेकिन बुरे से बुरे वक्त में भी सत्या देवी ने मरने तक उनका साथ नहीं छोड़ा और हमेशा से उनकी हर छोरी-बड़ी जरूरत को पूरा किया। रख लिया।

बॉलीवुड में शोहरत नहीं मिली
1969 में फिल्म ऐंड टेलिविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) में पढ़ाई के वक्त जया भादुड़ी, डैनी डेंगजोप्पा, आशा सचदेव, अनिल धवन जैसे कई कलाकारों के साथ उनका रोलमेट थे। पढ़ाई पूरी करने के बाद में सतीश कौल को कई पंजाबी फिल्मों में बतौर हौर काम करने का मौका मिला। हिंदी फिल्मों में भी हाथ आजमाया, लेकिन उन्हें वो कामयाबी नहीं मिली, जिसकी उन्हें उम्मीद थी। हालांकि उन्होंने दिलीप कुमार, देव आनंद, विनोद खन्ना जैसे बॉलीवुड के तमाम एक्टर्स के साथ काम किया। लेकिन बॉलीवुड में उन्हें वो शोहरत हासिल नहीं हुई जो उन्हें पंजाबी फिल्मों में मिली।
सतीश कौल ने पिछले साल एबीपी न्यूज़ से कहा था, ‘धीरे-धीरे कम हो रहे काम और पैसे के अभाव से मैं इस कदर परेशान हो गया था कि मैं एक दिन दूर’ महाभारत ‘के निर्माता / निर्देशक बीआर चोपड़ा की दफ्तर में गया और एकदम ऊंची आवाज में उनसे कहा कि एक पंजाबी होने के नाते अगर आप मुझे काम नहीं करेंगे तो कौन देगा? ‘ इसके बाद बीआर चोपड़ा ने फौरन मुझे देवराज इंद्र का रोल ऑफर करते हुए पेशगी के तौर पर 5000 रुपये दिए और दो दिन बाद फिल्मसिटी में क्रांति के मैदान में लगे सेट पर शूटिंग कर के लिए आने को कहा। ‘
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