विश्व मौसम संगठन ने ‘द स्टेट ऑफ द ग्लोबल क्लाइमेट 2020’ रिपोर्ट में बताया कि वर्ष 2011-2020 सबसे गर्म दशक रहा है। रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि साल 2015 से 2020 तक सबसे गर्म साल रहे हैं। वहीं साल 2020 का रिकॉर्ड तीन सबसे गर्म वर्षों में से एक रहा है। 2020 में औसत वैश्विक तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस से केवल 0.3 डिग्री सेल्सियस कम रहा। वहीं संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने बताया कि उन्होंने कई देशों से ज्यादा महत्वाकांक्षी होने और अपने लक्ष्यों के लिए प्रतिबद्ध होने का अनुरोध किया है, जिससे जलवायु परिवर्तन के विनाशकारी प्रभाव से दुनिया को लगभग संभव होने में मदद मिलेगी। जानकारी के मुताबिक विश्व मौसम संगठन ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि वर्ष 2020 में गर्मी का रिकॉर्ड तीन सबसे गर्म वर्षों में से एक था, तब चक्रवात एम्फिंग ने भारत में $ 14 बिलियन का आर्थिक नुकसान किया था। इस चक्रवात की वजह से भारत में हजारों घर बरबाद हो गए थे और कई लोगों की जान भी गई थी।
साल 2020 में आ गया चक्रवात
चक्रवात एम्फान पिछले साल 20 मई को उत्तर हिंद महासागर से उठा था। ये चक्रवात काफी बड़ा माना जाता था जिसने भारत में लगभग 14 बिलियन डॉलर का आर्थिक नुकसान किया था। इसी महीने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने 22-23 अप्रैल के मौसम पर एक बैठक बुलाई है, जिसमें पीएम मोदी सहित 40 देशों के मंत्री शामिल होंगे। इस बैठक में जलवायु परिवर्तन पर चर्चा होगी।
साल 2015-2020 रहा है सबसे ज्यादा गर्म
विश्व मौसम संगठन ने पिछले साल दिसंबर के अपने विश्लेषकों निष्कर्षों का समर्थन करते हुए अपनी रिपोर्ट में बताया कि जहां साल 2011-2020 सबसे गर्म दशक रहा है वहीं साल 2015 से 2020 तक के 6 साल सबसे गर्म माने गए हैं।
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