अमर उजाला ब्यूरो, पटना
द्वारा प्रकाशित: कुलदीप सिंह
Updated Wed, 14 Apr 2021 04:26 AM IST
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पीएमसीएच एनएमसीएच और एम्स में तैनात नोडल अफसर रोगियों के साथ सामंजस्य नहीं स्थापित कर पा रहे हैं। जिसके कारण बिहार सरकार ने मंगलवार को तीन आईएएस की प्रतिनियुक्ति अस्पतालों में कर दी है।
बिहार में जिस तरह से जांच की जा रही है वह राम भरोसे ही है। जांच के कई दिनों के बाद लोगों को रिपोर्ट मिल रही है। कुछ लोगों को एक दो दिनों में रिपोर्ट मिल रही है जबकि ज्यादातर लोगों को यह रिपोर्ट मिलने में 10 दिन लग रहे हैं।
कोरोना पॉजिटिव अमरेंद्र सिंह ने बताया कि पटना डीएम ऑफिस से फोन पर पूछा गया कि आपके यहां कितने लोग पॉजिटिव हैं, तो मैंने बताया कि मेरे साथ तीन लोग पॉजिटिव हैं। मेरे साथ कुल पांच लोग रहते हैं तो ऐसी जानकारी के बाद कोई भी सुध लेने वाला नहीं है।
कोरोनावायरस से जिन रोगियों की हालत बदतर हो रही है वे भर्ती के लिए दर-दर भटक रहे हैं। उन्हें भर्ती नहीं किया जा रहा है। कोरोना की जांच ज्यादा से ज्यादा हो रही है। लेकिन इस जांच की रिपोर्ट आधे से ज्यादा लोगों को नहीं मिल पा रही है। कहीं भी कोरोना गाइडलाइन का पालन नहीं किया जा रहा है। टिकट में अधिकांश लोगों के नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।
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