Home Breaking News खुलासा: वैज्ञानिकों ने बढ़ते कोरोना प्रसार को लेकर भारत सरकार को दी थी चेतावनी
कोरोना का कहर

खुलासा: वैज्ञानिकों ने बढ़ते कोरोना प्रसार को लेकर भारत सरकार को दी थी चेतावनी

by Sneha Shukla

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

द्वारा प्रकाशित: जीत कुमार
Updated Sun, 02 May 2021 12:00 AM IST

ख़बर सुनना

देश में कोरोना की दूसरी लहर जमकर कहर बरपा रही है। कोरोना देश में बेकाबू होता जा रहा है, पिछले 24 घंटे में पहले चार लाख से ज्यादा नए मरीज मिले हैं। पिछले 10 दिनों में चेतों के का आंकड़ा चार लाख के पार जा चुका है, उसी आंकड़ों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि कोरोना की चाल कितनी तेज और घातक है।

इसी तरह कुछ वैज्ञानिकों ने खुलासा किया है कि उन्होंने कोरोनावायरस के प्रसार को लेकर भारत सरकार को आगाह किया था, लेकिन सरकार ने उनकी इस चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया था। सरकार द्वारा स्थापित वैज्ञानिक सलाहकारों के एक मंच ने भारतीय अधिकारियों को मार्च में ही चेतावनी दी थी। उस वक्त देश में कोविड -19 का नया वेरियंट मिल था।

वैज्ञानिकों ने कहा कि चेतावनी के बावजूद, केंद्र सरकार ने वायरस के प्रसार को रोकने के लिए कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश में सत्तारूढ़ पार्टी के बड़े नेता और विपक्षी दलों के नेताओं की राजनीतिक रैलियों और कुंभ जैसे धार्मिक यात्राओं में लाखों लोग शामिल हुए।

वहीं, हजारों किसानों ने दिल्ली के बॉर्डर पर कृषि कानूनों में बदलाव को लेकर अपना धरना विरोध जारी रखा। परिणामस्वरूप दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा आबादी वाला देश आज पिछले साल की तुलना में इस साल बहुत अधिक गंभीर कोरोनावायरस के प्रसार से जूझ रहा है।

पीएम मोदी के पदभार संभालने के बाद भारत में यह सबसे बड़ा संकट है। यह अभी देखा जाना बाकी है कि सरकर इससे कैसे निपटती है, वहीं कोरोना से मची तबाई पीएम को और उनकी पार्टी को राजनीतिक रूप से कैसे प्रभावित करती है। अगले आम चुनाव 2024 में होने वाला है। इससे पहले हाल ही में पांच राज्यों के चुनावी परिणाम रविवार को आएंगे। इसके बाद 2022 में भी कुछ राज्यों में विधानसभा का चुनाव होगा।

विस्तार

देश में कोरोना की दूसरी लहर जमकर कहर बरपा रही है। कोरोना देश में बेकाबू होता जा रहा है, पिछले 24 घंटे में पहले चार लाख से ज्यादा नए मरीज मिले हैं। पिछले 10 दिनों में चेतों के का आंकड़ा चार लाख के पार जा चुका है, उसी आंकड़ों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि कोरोना की चाल कितनी तेज और घातक है।

इसी तरह कुछ वैज्ञानिकों ने खुलासा किया है कि उन्होंने कोरोनावायरस के प्रसार को लेकर भारत सरकार को आगाह किया था, लेकिन सरकार ने उनकी इस चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया था। सरकार द्वारा स्थापित वैज्ञानिक सलाहकारों के एक मंच ने भारतीय अधिकारियों को मार्च में ही चेतावनी दी थी। उस वक्त देश में कोविड -19 का नया वेरियंट मिल था।

वैज्ञानिकों ने कहा कि चेतावनी के बावजूद, केंद्र सरकार ने वायरस के प्रसार को रोकने के लिए कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश में सत्तारूढ़ पार्टी के बड़े नेता और विपक्षी दलों के नेताओं की राजनीतिक रैलियों और कुंभ जैसे धार्मिक यात्राओं में लाखों लोग शामिल हुए।

वहीं, हजारों किसानों ने दिल्ली के बॉर्डर पर कृषि कानूनों में बदलाव को लेकर अपना धरना विरोध जारी रखा। परिणामस्वरूप दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा आबादी वाला देश आज पिछले साल की तुलना में इस साल बहुत अधिक गंभीर कोरोनावायरस के प्रसार से जूझ रहा है।

पीएम मोदी के पदभार संभालने के बाद भारत में यह सबसे बड़ा संकट है। यह अभी देखा जाना बाकी है कि सरकर इससे कैसे निपटती है, वहीं कोरोना से मची तबाई पीएम को और उनकी पार्टी को राजनीतिक रूप से कैसे प्रभावित करती है। अगले आम चुनाव 2024 में होने वाला है। इससे पहले हाल ही में पांच राज्यों के चुनावी परिणाम रविवार को आएंगे। इसके बाद 2022 में भी कुछ राज्यों में विधानसभा का चुनाव होगा।

Related Posts

Leave a Comment