<पी शैली ="पाठ-संरेखित करें: औचित्य;"> एनलाइल फूड ऑफर ऑफ-अप जोमाटो ने आईपीओ लाने की तैयारी के तहत सेबी में ड्राफ्ट प्रोस्पेक्टस दाखिल कर दिया है। प्रोस्पेक्टस के मुताबिक कंपनी की पेशकश के लिए सेल के जरिये मौजूदा निवेशकों और प्रेश इशू के जरिये 8250 करोड़ रुपये जुटाएगी। फ्रेश इश्यू 7500 करोड़ रुपये का होगा जबकि ऑफर फॉर सेल के जरिये 750 करोड़ रुपये जुटाए जाएंगे। कंपनी में इनफो एज की भाग 18.4 प्रति है। सेल के लिए प्रस्ताव ईज़ी को दिया जाएगा। & nbsp; p>
कंपनी प्री-आईपीओ चैनल के जरिये 1500 करोड़ रुपये जुटाएगी strong> p>
कंपनी प्री-आईपीओ और के जरिये भी लगभग 1500 करोड़ रुपये जुटा सकती है। कंपनी आईपीओ के जरिये जो 7500 करोड़ रुपये जुटाएगी उसमें से 5625 करोड़ रुपये कंपनी अपने ग्रोथ में खर्च करेगी। 31 दिसंबर, 2020 को जोमाटो ने 1301 करोड़ का रेवेन्यू कमाया था, वहीं वित्त वर्ष 2019-20 की इस अवधि के दौरान यह कमाई 2605 करोड़ रुपये थी। फरवरी में जोमाटो ने टाइगर ग्लोबल, कोरा और कुछ अन्य निवेशकों से 1800 करोड़ रुपये जुटाए थे। इस कंपनी की वेल्यूएशन 5.4 बिलियन डॉलर यानी 40 हजार करोड़ रुपये हो गई है। इसे कंपनी की प्री-आईपीओ फंड रेजिंग के तौर पर देखा जा रहा था। दिसंबर, 2020 में कंपनी की वेल्यूएशन केवल 28,000 करोड़ रुपये की थी। p>
जोमाटो के कारोबार में तेजी की उम्मीद और nbsp; strong> p>
पिछले कुछ वर्षों के दौरान अनलिमिटेड फूड सर्विस कंपनियों का कारोबार काफी बढ़ा है। भारत बाजार में जोमाटो और स्विगी में कड़ी टक्कर है। जोमाटो की शुरुआत 2008 में पांच हजार से ज्यादा कर्मचारियों के साथ दिल्ली में हुई थी। कोविड काल में खाद्य प्रस्ताव कंपनियों के कारोबार में अच्छी वृद्धि दिखी थी। इससे कंपनी के रेवेन्यू में इजाफा हुआ है। कंपनी को अपने विस्तार करने के लिए और पूंजी की जरूरत है। यही कारण है कि वह आईपीओ लाने की सोच रही है। p>
कोरोना की दूसरी लहर से कंपनियों की कमाई को झटका लगेगा, शेयरों की कमाई में गिरावट आ सकती है strong> p>
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