<पी शैली ="पाठ-संरेखित करें: औचित्य;"> नई दिल्ली strong> : strong> राजधानी दिल्ली में ऑक्सीजन की भारी कमी है, जिसकी वजह से अब इसकी ब्लैक मार्केटिंग भी शुरू हो गई है तो वहीं दूसरी ओर दिल्ली में एक जगह ऐसी भी है , जहां पर लोगों को मुफ्त में ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जा रही है। ये जगह मायापुरी इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित है, जहां पर ऑक्सीजन सिलेंडर की रिफिलिंग की जा रही है और लोगों को फ्री में ऑक्सीजन बांटी जा रही है। p>
यहां पर दिल्ली पुलिस भी तैनात है और कुछ अस्पतालों को भी यहीं से ऑक्सीजन उपलब्ध कराई गई है। इस ऑक्सीजन प्लांट के मालिक अभिषेक गुप्ता का कहना है कि दिल्ली में ऑक्सीजन की कमी है। साथ ही लोगों को ऑक्सीजन की जरूरत भी है। इसलिए हमने फ्री में ऑक्सीजन बैंडिंग का निर्णय लिया। जिसमें दिल्ली सरकार भी हमारी मदद कर रही है। p>
चार दिन पहले से शुरू की है मुफ्त ऑक्सीजन सेवा
strong> ऑक्सीजन प्लांट के मालिक अभिषेक गुप्ता का कहना है कि अगर हम पिछले तीन-चार दिनों की बात करें तो दिल्ली में ऑक्सीजन को लेकर काफी समस्या है। सामने आ रहा है इसी तरह से देखा गया कि हमने भी तीन-चार दिन पहले से ही फ्री में ऑक्सीजन बैंडेट शुरू किया। हमारे प्लांट में ऑक्सीजन रिफिलिंग का काम होता है, जिसकी क्षमता 21 टन है और हम प्रतिदिन लगभग 14 टन ऑक्सीजन भरते हैं। हम तीन-चार दिनों से 24 घंटे यहां काम कर रहे हैं। & nbsp; p>
अभिषेक गुप्ता ने बताया कि जिसको भी यहां का पता चलता है वह यहां आ जाता है। इस कारण से यहाँ पर भीड़ भी है और लोगों को लाइन में भी लगना पड़ रहा है। कुछ अस्पतालों में भी हम ऑक्सीजन भिजवा रहे हैं। दिल्ली पुलिस भी हमारे पास आई और हमारे माध्यम से कुछ अस्पतालों में ऑक्सीजन उपलब्ध करवाई है। हमने मुक्त में ऑक्सीजन बांटने का निर्णय लिया क्योंकि लोगों की जान जा रही है और किसी की जान से ज्यादा पैसा नहीं होता है & nbsp; p>
अलग-अलग क्षेत्रों से आ रहे हैं लोग
strong> यहां अलग-अलग क्षेत्रों से लोग ऑक्सीजन रिफिल करवाने के लिए आए हैं। एक व्यक्ति, जो आनंद पर्वत में रहते हैं उनका कहना है कि उन्हें एक एजेंसी से इस जगह का पता मालूम हुआ था। इसके बाद यहाँ पर ऑक्सीजन लेने के लिए आए हैं। यहां पर लाइन जरूर लगी है, लेकिन लोगों को सिलेंडर दिया जा रहा है। एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि वह कोहाट एनक्लेव से यहां आए हैं। उन्हें भी एक एजेंसी के माध्यम से इस जगह के बारे में मालूम हुआ था। p>
वहीं टैगोर गार्डन में रहने वाले एक शख्स का कहना है कि उन्हें व्हाट्सएप के माध्यम से इस जगह के बारे में जानकारी मिली थी। जिसके बाद वे यहां आए और यहां पर अब आधे घंटे इंतजार के बाद उनके सिलेंडर में ऑक्सीजन रिफिल की जा रही है। p>
