दिल्ली से बिहार जाने वाले लोगों के लिए रेलवे ने बड़ी राहत देते हुए अगले तीन दिनों में 4 स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला लिया है। दिल्ली में सोमवार को 6 दिनों के लॉकडाउन के ऐलान के बाद रेलवे स्टेशनों पर भारी भीड़ देखने को मिल रही है। ऐसे में प्रवासी मजदूरों को अपने गांव तक पहुंचाने के लिए रेलवे का यह ऐलान बड़ी मदद साबित होगा। हालांकि रेल मंत्रालय ने दिल्ली में रेल में प्रवासी मजदूरों की भारी भीड़ उमड़ने की खबरों को गलत करार दिया है। मंत्रालय के अफसरों ने कहा कि रेलवे स्टेशनों पर कोई भीड़ नहीं देखने को मिली है। हालांकि आनंद विहार बस टर्मिनल पर जरूर बड़ी संख्या में लोग जुटे हैं। मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि दिल्ली में लागू हुए लॉकडाउन के बीच भी ट्रेनों का परिचालन जारी रहेगा।
रेल मंत्रालय के प्रवक्ता डीजे नारायण ने कहा, ‘आज शाम को इस तरह की चर्चाएं थीं कि दिल्ली में लॉकडाउन के बाद बड़ी संख्या में लोग कोड पर पहुंच सकते हैं। यह अनुरोध करता है कि इस तरह के सभी खबरों से भुगतान क्योंकि यह सच्चाई नहीं है। ऐसी भीड़भाड़ या अफरातफरी तब होती है, जब ट्रेनों की उपलब्धता न होती है या फिर उन्हें रोकने की बात होती है। वर्तमान में ऐसी कोई स्थिति नहीं है। ट्रेनों पर रोक की कोई योजना नहीं है और मेरे रख से लोग भी इस बारे में जानते हैं। वे जानते हैं कि यदि आज यात्रा नहीं कर पाए तो कल यात्रा हो सकती है। यहाँ तक कि कफ़्यू के दौरान भी किसी भी व्यक्ति को वैध टिकट पर यात्रा करने की परमिशन दी गई है। ऐसे में पैनिक की कोई ज़रूरत नहीं है। ‘
कोरोना से पहले के दौर के मुकाबले चलने वाली 70 प्रति गाड़ियां हैं
रेल मंत्रालय का कहना है कि गर्मियों के मौसम में भी यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे में इस सीजन में हमें जरूरतों को पूरा करने के लिए अतिरिक्त ट्रेनों को चलाने का फैसला लिया गया है। वर्तमान में कोरोना से पहले के दौर के मुकाबले 70 प्रति ट्रेनों का संचालन शुरू हो चुका है। बीते एक सप्ताह में रेलवे ने 69 अतिरिक्त समर स्पेशल ट्रेनों के संचालन की प्लानिंग की है ताकि जरूरतें पूरी हो सकें। 30 अप्रैल तक रेल मंत्रालय ने 88 समर स्पेशल ट्रेनों और 45 फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों के संचालन की तैयारी की है। वर्तमान में रेलवे ने 9,622 ट्रेनों के परिचालन को मंजूरी दी है। अभी तक 7,745 ट्रेनें चल रही हैं, जबकि कोरोना से पहले के दौर में कुल 11,283 ट्रेनें चलती थीं।
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