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जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीएफपी) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को दावा किया है कि उन्हें पास देने से मना कर दिया गया है। साथ ही, उन्हें जम्मू-कश्मीर पुलिस के क्रिमिनल इन्वेस्टिगेटिव डिपार्टमेंट (जीडी) की रिपोर्ट के आधार पर ‘देश के लिएone’ बताया गया है।
इस बाबत महबूबा मुफ्ती ने रिजनल पास ऑफिसर, श्रीनगर का एक लेटर अपने ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट किया था।]उन्होंने कहा, ” पास कार्यालय ने सीएसडी की रिपोर्ट के आधार पर मेरा पास जारी करने से इनकार कर दिया और कहा गया है कि यह भारत की सुरक्षा के लिएone है। यह अगस्त 2019 के बाद से कश्मीर में हासिल की गई सामान्य स्थिति का स्तर है कि पास पाने वाले एक पूर्व मुख्यमंत्री एक प्रतिद्वंद्वी राष्ट्र की संप्रभुता के लिए खतरा है। ”
लेटर में बताया गया है कि जम्मू-कश्मीर, गद्दी के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने मुफ्ती को पास नहीं जारी करने की सिफारिश की है। मुफ्ती ने पास जारी करने के लिए पहले ही हाई कोर्ट का रुख कर लिया था क्योंकि उन्होंने पिछले साल ही दस्तावेज के लिए आवेदन किया था।
पासपोर्ट कार्यालय ने सीआईडी की रिपोर्ट के आधार पर मेरे पासपोर्ट को ‘भारत की सुरक्षा के लिए हानिकारक’ बताते हुए जारी करने से इनकार कर दिया। यह अगस्त 2019 से कश्मीर में हासिल की गई सामान्य स्थिति का स्तर है कि पासपोर्ट धारण करने वाला एक पूर्व मुख्यमंत्री एक शक्तिशाली राष्ट्र की संप्रभुता के लिए खतरा है। pic.twitter.com/3Z2CfDgmJy
– महबूबा मुफ्ती 29 मार्च, 2021
23 मार्च को हुई सुनवाई के दौरान विदेश मंत्रालय और क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय का प्रतिनिधित्व कर अतिरिक्त सॉलीसीटर जनरल टी एम शम्सी उस वक्त कुछ समय के लिए परीक्षण टालने का अनुरोध किया था जब जम्मू-कश्मीर केडी की तरफ से पेश हुए वकील ने न्यायमूर्ति अली मोहम्मद मागरे को बताया कि उनके पास आवेदन पर सत्यापन रिपोर्ट 18 मार्च को ही जमा की गई है।
उधर, पिछले सप्ताह श्रीनगर में प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों द्वारा पीडीएफपी अध्यक्ष से पूछताछ भी की गई थी।
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