नई दिल्ली: सरकार ने शुक्रवार को कहा कि डायरेक्ट टैक्स संग्रह संशोधित अनुमान से 5 प्रति अधिक रहा है। वर्ष 2020-21 के दौरान रिफंड जारी करने के बाद प्रत्यक्ष कर संग्रह 9.45 लाख करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष के लिए 9.05 लाख करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान से लगभग 5 प्रतिशत ज्यादा है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 1 फरवरी को बजट में पेश किए गए संशोधित अनुमानों की तुलना में कॉरपोरेशन टैक्स और पर्सनल इनकम टैक्स कलेक्शन दोनों ज्यादा थे। 4.46 लाख करोड़ रुपये का कॉरपोरेशन टैक्स संग्रह किया जा रहा है जबकि कॉरपोरेशन टैक्स के 4.57 लाख करोड़ रुपये अनुमानित थे। व्यक्तिगत इनकम टैक्स कलेक्शन 4.88 लाख करोड़ रुपये जो रहा है कि 4.59 लाख करोड़ रुपये के संशोधित अनुमानों से 6 प्रतिशत अधिक है।
महामारी के बावजूद कलेक्शन में हुई बढ़ोतरी
विवाद से विश्वास स्कीम को अच्छा रिसपॉन्स मिला है। टैक्स कलैक्टेड एट सोर्स टेक्नोलॉजी का भी हाई टैक्स कलेक्शन में योगदान रहा है। इसके अलावा महामारी के दौरान इतनी टैक्स कलेक्शन अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत माना जा रहा है।
12.06 लाख करोड़ रुपये ग्रोस कलेक्शन हो रहा है
ग्रॉस कलेक्शन 12.06 लाख करोड़ रुपये रहा। यह 13.2 लाख करोड़ रुपये के बजट अनुमान से कम था। पिछले वित्त वर्ष में भी रिफंड में वृद्धि देखी गई, जो 43 प्रतिशत बढ़कर 2.61 लाख करोड़ रुपये हो गई। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि “बेहद चुनौतीपूर्ण वर्ष के बावजूद, 2020-21 के लिए एडवांस टैक्स कलेक्शन 4.95 लाख करोड़ रुपये है, जो कि गत वित्तीय वर्ष के 4.64 लाख करोड़ रुपये से लगभग 6.7 प्रतिशत ज्यादा है।”
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