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flaming ke daen hath ka niyam kya batata hai

फ्लेमिंग के दाएं हाथ का नियम हिंदी में | Fleming Right Hand Rule In Hindi

flaming ke daen hath ka niyam क्या है? | फ्लेमिंग के बाएं हाथ का नियम क्या है? और इसके उपयोग

by aman

जब हमें विज्ञान के नियम के हिसाब से बल, चुंबकीय क्षेत्र और धारा के बीच में दिशा का मान ज्ञात करना होता है तो हमें फ्लेमिंग के नियम की जरूरत पड़ती है। और इस नियम को flaming ke daen hath ka niyam कहा जाता है।

कई ऐसे विद्यार्थी हैं जो अक्सर फ्लेमिंग के दाएं हाथ का नियम नहीं समझ पाते हैं तो आज के इस लेख में हम आपको फ्लेमिंग के इस नियम को आसान भाषा में उदाहरण के द्वारा समझाने का प्रयास करेंगे। साथ ही हम आपको यह भी बताएंगे कि flaming ke daen hath ka niyam क्या कहता है।

flaming ke daen hath ka niyam क्या है?

फ्लेमिंग के दाएं हाथ का नियम फ्लेमिंग नामक वैज्ञानिक द्वारा ही बनाया गया है। इसलिए इस नियम का नाम भी फ्लेमिंग के दाएं हाथ का नियम रखा गया है।

फ्लेमिंग के दाएं हाथ के नियम से हम प्रेरित धारा की दिशा ज्ञात कर सकते हैं। फ्लेमिंग के दाएं हाथ के नियम से हम किसी भी मशीन या जनरेटर के करंट की घूमने की दिशा को ज्ञात कर सकते हैं।

जैसे कि, जब हम किसी भी चालक धातु के तार के टुकड़े को विद्युत चुंबकीय क्षेत्र के बीच में रखकर घूमाते हैं तो उसके अंदर एक विद्युत वाहक बल पैदा होता है और इस विद्युत वाहक बल को ही करंट कहते हैं। इस करंट की दिशा क्या होगी यह हम फ्लेमिंग के दाएं हाथ के नियम द्वारा पता लगा सकते हैं।

फ्लेमिंग के हाथ का नियम किस तरह कार्य करता है?

फ्लेमिंग के दाएं हाथ का नियम हमारे दाहिने हाथ की तीन उंगलियों के माध्यम से कार्य करता है।

फ्लेमिंग के दाएं हाथ का नियम का उपयोग करने के लिए हमें अपने दाहिने हाथ के अंगूठे और उसके बगल वाली दोनों उंगलियों को इस तरह से फैलाना है कि वह एक दूसरे के लंबवत में हो।

यानी कि दाएं हाथ के अंगूठे और तर्जनी और मध्यमा उंगली को आपको इस तरह से फैलाना है कि तीनों उंगलियों के बीच की दूरी 90 डिग्री सेल्सियस की हो।

नीचे दिए गए चित्र के माध्यम से आप देख सकते हैं कि चित्र में उंगलियां कुछ इस तरह से फैलाई गई हैं कि तीनों उंगलियों के बीच में 90 डिग्री सेल्सियस की दूरी है।

flaming ke daen hath ka niyam

फ्लेमिंग के दाएं हाथ का नियम क्या कहता है?

फ्लेमिंग के दाएं हाथ के नियम में तीनों उंगलियों का अपना एक अलग मतलब है और इसी के माध्यम से हम चुंबकीय क्षेत्र और प्रेरित धारा की दिशा को ज्ञात कर सकते हैं।

फ्लेमिंग के दाएं हाथ के नियम में अंगूठा चालक की गति को दर्शाता है। फ्लेमिंग के दाहिने हाथ के नियम में तर्जनी चुंबकीय क्षेत्र को दर्शाती है और इस नियम में मध्यमा उंगली प्रेरित धारा की दिशा को दर्शाती है।

जैसा कि आप जानते हैं चुंबकीय क्षेत्र अंदर की तरफ और बाहर दोनों की तरफ ही हो सकता है। तो अब हम उदाहरण के माध्यम से समझते हैं कि प्रेरित धारा की दिशा को कैसे ज्ञात किया जा सकेगा।

उदाहरण के लिए, मान लीजिए कोई एक वस्तु है और उसमें रजिस्ट्रेंट आर लगा दिया गया है जिसके कारण उस गतिमान वस्तु में गति दाएं से बाएं तरफ जा रही है। इसके साथ इस गतिमान वस्तु में चुंबकीय क्षेत्र अंदर की तरफ लग रहा है। तो आप प्रेरित धारा की दिशा को किस तरह से ज्ञात करेंगे।

चूंकि चुंबकीय क्षेत्र तर्जनी उंगली दर्शाती है तो आपको अपने दाएं हाथ के तीनों उंगलियों को कुछ इस तरह से फैलाना है कि आप की तर्जनी उंगली उस दिशा में हो जिस तरफ चुम्बकीय क्षेत्र हो यानि अंदर की तरफ हो।

अंगूठा जो की गति या बल को दिखाता है वह बाई तरफ हो तो आप की मध्यमा उंगली यानी प्रेरित धारा की दिशा नीचे की ओर हो जाएगी। इसका मतलब यह होगा कि उस गतिमान वस्तु में प्रेरित धारा की दिशा नीचे की ओर है।

फ्लेमिंग के दाएं हाथ के नियम का उपयोग

फ्लेमिंग के दाएं हाथ का नियम हमें कई तरह की चीजें जानने में मदद करता है। फ्लेमिंग के दाएं हाथ का नियम हमें चालक के चुंबकीय क्षेत्र प्रेरित धारा की दिशा और चालक की गति को मापने में मदद करता है। चलिए हम देखते हैं कि इसका उपयोग कहां किया जा सकता है।

  • फ्लेमिंग का यह नियम हमें किसी तार की कुंडली में बहने वाली धारा के कारण उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र की दिशा ज्ञात करने में मदद करता है।
  • दाएं हाथ के नियम के द्वारा हम किसी धातु के दो सदीशों के गुणनफल की दिशा को जान सकते हैं।
  • इस नियम का उपयोग किसी कोरिया गति की दिशा को ज्ञात करने के लिए भी किया जाता है।
  • किसी वस्तु में बल किस तरफ लग रहा है इसकी दिशा निर्धारित करने के लिए भी फ्लेमिंग के दाएं हाथ का नियम का उपयोग किया जाता है।
  • किसी गतिमान चालक के चुंबकीय क्षेत्र में जो विद्युत धारा उत्पन्न होती है उस विद्युत धारा की दिशा को ज्ञात करने के लिए फ्लेमिंग के दाएं हाथ का नियम का उपयोग किया जा सकता है।
  • किसी द्रव या हवा के किसी भी बिंदु पर वॉटर सिटी यानी वर्तन अता ज्ञात करने के लिए भी इस नियम का उपयोग किया जा सकता है। जब वह द्रव्य हवा गतिमान स्थिति में हो।
  • चुंबकीय बल की दिशा ज्ञात करने के लिए भी फ्लेमिंग के दाएं हाथ का नियम का उपयोग होता है।

निष्कर्ष

आज के इस लेख में हमने आपको flaming ke daen hath ka niyam बताया है। उम्मीद है कि इस लेख के माध्यम से आप फ्लेमिंग के दाएं हाथ के नियम को अच्छे से समझ पाए होंगे। यदि आपको इस लेख से संबंधित किसी तरह का प्रश्न पूछना है तो आप हमें कमेंट बॉक्स में कॉमेंट कर के पूछ सकते हैं और यदि आपको यह लेख पसंद आया हो तो इसे अपने अन्य दोस्तों के साथ भी जरूर शेयर करें।

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