<पी शैली ="पाठ-संरेखित करें: औचित्य;"> इंटर्न मार्केट में डॉलर की कमजोरी और अमेरिकी बॉन्ड केडेल्ड में गिरावट की वजह से गोल्ड के दाम में वृद्धि दर्ज की & nbsp; गई। डॉलर इंडेक्स अपने कंपेटिटर ओसी इंडेक्स के मुकाबले 0.1 फीसदी गिर गया। घरेलू बाजार में एसएक्सएक्स में 0.17 प्रतिशत यानी 81 रुपये की बढ़ोतरी 47,853 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गई। वहीं सिल्वर में 0.16 प्रतिशत यानी 112 रुपये की बढ़ोतरी में 69,330 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई।"पाठ-संरेखित करें: औचित्य;"> दिल्ली मार्केट में गोल्ड में गिरावट और nbsp; strong> p>
गुरुवार को दिल्ली के 2017 बाजार में जीबी 168 रुपये गिर कर 47,450 रुपये पर आ गया, जबकि सिल्वर 238 रुपये चढ़कर 69,117 रुपये पर पहुंच गया। अहमदाबाद में शुक्रवार को में 49969 & nbsp; प्रदर्शन प्रति दस ग्राम पहुंच गया था। ग्लोबल मार्केट में गोल्ड 0.2 फीसदी चढ़ कर 1787.11 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। यह 25 फरवरी के 1797.67 डॉलर प्रति औंस के बाद सबसे ऊंचा स्तर है। वहीं यूएस जियो फ्यूचर 0.4 प्रति बढ़ा कर 1,788.10 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। & nbsp; p>
आंतरिक में सोने की कीमतों में मामूली वृद्धि & nbsp; strong> p>
इंटररेशनल बाजार में डॉलर और अमेरिकी बॉन्डैल्ड में गिरावट के बाद गोल्ड में हल्की तेजी का रुझान शुरू होता दिखा रहा है और nbsp; रहा है। हालांकि भारतीय बाजार में ग्राहकों की बढ़ती मांग पर गोल्ड के आयात में वृद्धि दिख रही है। कोरोना संक्रमण की पहली लहर के नीचे गिरनेने के साथ ही इसकी कीमतों में गिरावट देखी जा रही थी। लेकिन ट्रांस की दूसरी लहर के दौरान गोल्ड की मांग में तेजी दिखी और इसकी कीमत भी बढ़ती दिखाई दी। & nbsp; हालांकि कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव दिखता रहता है। आने वाले दिनों में गोल्ड में यहां उठान दिख सकता है। p>
फिच ने भारत की रेटिंग्स ‘BBB’ को बरकरार रखा, कहा- महामारी से आर्थिक स्थिति सुधरने में देरी होगी strong> p>
कोरोना की दूसरी लहर का अर्थव्यवस्था पर प्रभाव कैसा रहेगा? मुख्य आर्थिक सलाहकार ने बताया strong> p>।
