देश में को विभाजित -19 महामारी की घातक दूसरी लहर के बीच Google एक नई विशेषता की टेस्टिंग कर रहा है। गूगल ने सोमवार को कहा कि वह गूगल मैप्स (गूगल मैप्स) में एक फीचर टेस्ट कर रहा है, जिससे लोगों को बेड और मेडिकल ऑक्सीजन की उपलब्धता के बारे में जानकारी मिल सकेगी। इसके माध्यम से लोग जानकारी साझा भी कर सकते हैं।
भारत दूसरी लहर में कई राज्यों के अस्पताल, मेडिकल ऑक्सीजन और बेड्स की कमी से जूज़ रहे हैं और सोशल मीडिया पर लोग ऑक्सीजन सिलेंडर, अस्पताल मे बेड, प्लॉट डोनर्स और वेंटिलेटर के लिए मदद मांग रहे हैं। ऐसे में गूगल मैप्स का यह फीचर कोविड -19 के खिलाफ लड़ाई में काफी उपयोगी साबित हो सकता है।
जानकारी के इस्तेमाल से पहले करना पड़ सकता है वैरीफाई
कंपनी ने कहा कि “हम मैप्स में क्यू एंड ए की का उपयोग करते हुए एक फीचर का टेस्ट कर रहे हैं, जो लोग को चुनिंदा स्थानों में बिस्तर और मेडिकल ऑक्सीजन की उपलब्धता के बारे में लोकल जानकारी लेने और शेयर करने में इजाफा करते हैं। यह जानकारी यूजर जरनेटनेट कंटेंट होगी और ऑथराइज्ड सोर्सेज की तरफ से प्रोवाइड नहीं की जाएगी। जानकारी का उपयोग करने से पहले उसके वैरीफाई करना जरूरी हो सकता है। ”
तीन प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर फोकस कर रही Google टीम
Google ने कहा कि उसकी टीम तीन प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर फोकस कर रही है। पहला यह सुनिश्चित करना है कि लोगों को लेटेस्ट और ऑफिशियल जानकारी तक पहुंचना चाहिए, दूसरा सेफ्टी और टीकाकरण को बढ़ावा देना और प्रभावित समुदायों, स्वास्थ्य अधिकारियों और संगठनों के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना।
गूगल सर्च और मैप्स पर 2,500 टेस्ट सेंटर्स को दिखाने के अलावा Google अब देशभर में 23,000 से अधिक टीकाकरण केंद्रों की लोकेशन अंग्रेजी और आठ भारतीय भाषाओं में शेयर करने में मदद कर रहा है।
एनजीओ की मदद के लिए कैंपेन किया जा रहा है
कंपनी ने कहा कि वह कई एनजीओ के लिए पैसे जुटाने के लिए इंटरनल डोनेशन कैंपेन चला रही है, जिसमें गिवंडिया, चैरिटीज एड फाउंडेशन इंडिया, गूंज और यूके वे ऑफ मुंबई आदि शामिल हैं। अब तक लगभग 33 करोड़ रुपये जुटाए गए हैं और कैंपेन अभी जारी है।
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