Home » श्री कृष्ण का जन्म कब हुआ था ? – Krishna Ka Janam Kab Hua Tha
Krishna Ka Janam Kab Hua Tha

श्री कृष्ण का जन्म कब हुआ था ? – Krishna Ka Janam Kab Hua Tha

by Pritam Yadav

Krishna Ka Janam Kab Hua Tha :-  श्री कृष्ण जी ने हिंदू धर्म का भगवान माना जाता है, भगवान विष्णु के आठवें अवतार। हम अलग-अलग नामों से जानते हैं। भगवान श्री Krishna Janam के बारे में हर कोई जानना चाहता है और कृष्ण के संपूर्ण जीवन को समझना चाहते हैं।

तो आइए आज के इस लेख में हम श्री Krishna Janam की कथा के बारे में जानते हैं और समझते हैं, कि कृष्ण भगवान का जन्म कब कहां और क्यों हुआ था।


Shree Krishna Janam कब और कहाँ हुआ ? – Krishna Ka Janam Kab Hua Tha

कृष्ण का जन्म भाद्रपद कृष्ण अष्टमी तिथि की आधी रात को मथुरा के कारागार में हुआ था। साथ ही इनका जन्म रोहिणी नक्षत्र में मैं हुआ था। जो कि अगस्त महीने में हर वर्ष आता है। इसलिए हर वर्ष कृष्ण जन्माष्टमी अगस्त में मनाई जाती है।

श्री कृष्ण का जन्म भाद्र कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि को मथुरा नगरी में हुआ था। इन्होंने देवकी के गर्व से कारागार में जन्म लिया था।


श्री कृष्ण का जन्म आधी रात में क्यों हुआ था ?

मथुरा वासियों द्वारा क्या बताया जाता है, कि श्री कृष्ण चंद्रमा कुल में जन्म ले रहे थे। और चंद्र देव यह चाहते थे, कि श्री कृष्ण अपने पूर्वजों की उपस्थिति में जन्म लें और चंद्रमा रात्रि में निकलता है, तो वह कृष्ण के साक्षात दर्शन कर पाएंगे।

रोहिणी नक्षत्र में जन्म लेने का कारण यह है, कि चंद्रमा की सबसे प्रिय पत्नी रोहिणी थी और अष्टमी को शक्ति का प्रतीक माना जाता है इसलिए श्री कृष्ण ने रोहिणी नक्षत्र में अष्टमी तिथि को जन्म लिया था।


श्री कृष्ण जन्म की पूरी कहानी

ऊपर हमने Krishna Ka Janam Kab Hua Tha के बारे में जाना , अब हम श्री कृष्ण जन्म की पूरी कहानी के बारे में जानते है।

अभी हमने यह तो जान लिया, कि श्री कृष्ण का जन्म कब और क्यों हुआ था। तो चलिए अब हम इसकी पूरी कहानी को समझते हैं। जैसा कि आप जानते हैं, श्री कृष्ण ने द्वापर युग में जन्म लिया था। और द्वापर युग में राजा उग्रसेन नामक एक राजा मथुरा में राज्य करते थे।

इनके पुत्र का नाम ही कंस था और यह बहुत ही दुष्ट प्रवृत्ति का था। कंस ने अपने पिता को गद्दी से उतार दिया और खुद राजा बन गया। कंस की एक बहन भी थी, जिसका नाम देवकी था और कंस अपनी बहन से बहुत ही अधिक प्रेम करता था।

कंस ने अपनी बहन देवकी का विवाह वसुदेव जी से करने का निश्चित किया। और जब कंस अपनी बहन को विदा कर रहा था, तो एक आकाशवाणी हुई की ” हे कंस जिस बहन को तो इतना प्यार करता है और उसे ससुराल छोड़ने जा रहा है, उसी बहन के गर्भ से जन्मा आठवीं संतान तेरी मौत का कारण बनेगी।

इतना ही सुनकर कंस क्रोधित हो उठा और वसुदेव को मारने के लिए आगे बढ़ गया। इतने में ही देवकी ने अपने पति के प्राणों को बचाने के लिए कंस से कहा, कि वे अपनी आठवीं संतान को उसके हवाले कर देगी।

इसके पश्चात के मन में यह आया, कि केवल आठवीं संतान ही नहीं वह देवकी के सभी संतानों को मार देगा। इसलिए कंस ने देवकी और वसुदेव को कारागार में बंद कर दिया और देवकी के गर्भ से जन्म लेने वाली हर संतान को मार दिया।


मथुरा में कृष्ण का जन्म कब हुआ ?

जैसा कि अभी हमने जाना कि किस तरह से कंस देवकी के सभी पुत्रों को मार रहा था। परंतु अब श्री कृष्ण के जन्म का समय था। जैसे ही श्री कृष्ण ने मथुरा के कारागार में देवकी माता के गर्भ से जन्म लिया तभी घर की रखवाली कर रहे सभी सैनिक मूर्छित हो गए।

उसके बाद कारागार में भगवान श्री विष्णु प्रकट हुए और वासुदेव और देवकी से कहा, कि इस बच्चे को तुम अपने गांव अपने मित्र नंद के पास ले जाओ और वहां उनकी पत्नी यशोदा के गर्भ से जन्मी पुत्री को यहां ले आओ।

वसुदेव जी ने भगवान विष्णु की यह बात को मानकर सूप में श्रीकृष्ण को रखा और यमुना नदी से गोकुल के लिए रवाना हो गए।

यमुना जी ने भी श्री कृष्ण के चरणों को छुआ और शांत होकर वसुदेव जी के लिए रास्ता खोल दिया। इस तरह वासुदेव जी आसानी से अपने मित्र नंद के पास पहुंच गए और उन्हें अपने पुत्र को सौंप दिया और उनकी पुत्री को लेकर वापस मथुरा आ गए।

अब सब कुछ कारागार में पहले जैसा हो चुका था। और कंस भी कारागार में पहुंच गया और देवकी के हाथ में बच्चे को देखकर उस कन्या को छीन लिया और उसे मारना चाहा।

जैसे ही कंस ने उस कन्या को मारने के लिए अपना हाथ बढ़ाया तभी वह कन्या कंस के हाथ से निकलकर देवी रूप धारण कर लिया। वह कोई और नहीं बल्कि एक योग माया थी, उन्होंने कंस से कहा कि तेरी मौत का कारण बनने वाला पुत्र पहले ही जन्म ले चुका है और अब तेरी मृत्यु को कोई नहीं रोक सकता।

इस तरह श्री कृष्ण का जन्म धरती पर पाप को खत्म करने के लिए हुआ। यह कृष्ण जन्म की संपूर्ण गाथा थी, जो हमने आपको अभी बताई।


श्री कृष्ण जन्माष्टमी का त्यौहार

हर वर्ष श्री कृष्ण का जन्मदिन भाद्रपद महीने की अष्टमी को मनाया जाता है। सभी लोग यह त्यौहार बहुत ही धूमधाम से मनाते हैं। यह तेवर केवल भारत में ही नहीं बल्कि अन्य जगहों पर जहां लोग श्रीकृष्ण की उपासना करते हैं, वह भी इस त्यौहार को बहुत ही धूमधाम से मनाते हैं।

2023 में श्री कृष्ण जन्माष्टमी 6 सितंबर को होगा। यानी कि 6 सितंबर 2023 को कृष्ण जन्माष्टमी मनाया जाएगा। इस दिन लोग कृष्ण जी के लिए व्रत रखते हैं और रात को 12:00 बजे भगवान श्री कृष्ण की आरती गाते हैं और उसके बाद ही अपने व्रत को तोड़ते हैं।

जन्माष्टमी मनाने के लिए सभी लोग अपने घरों में भगवान श्री कृष्ण के पसंदीदा मिठाइयां बनाते हैं।


FAQ’S:

प्रश्न 1श्री कृष्ण की जी का जन्म कब हुआ था ? – Krishna Ka Janam Kab Hua Tha

उत्तर - श्री कृष्ण जी का जन्म अष्टमी के दिन भाद्रपद महीने में रोहिणी नक्षत्र में हुआ था।

प्रश्न 2कृष्ण भगवान कौन से सन में पैदा हुए थे ?

उत्तर - कृष्ण भगवान 3112 ईसा पूर्व में पैदा हुए थे।

प्रश्न 3कृष्ण कितने वर्ष जीवित रहे ?

उत्तर - कृष्ण 125 वर्ष 8 महीने और 7 दिन तक जीवित रहे थे।

प्रश्न 4कृष्ण के कितने बच्चे थे ?

उत्तर - पुराणों के अनुसार भगवान श्री कृष्ण के 80 पुत्रों का उल्लेख किया गया है।

प्रश्न 5कृष्ण जी की मृत्यु कैसे हुई थी ?

उत्तर - कृष्ण जी की मृत्यु का कारण तीर लगना था। एक ने श्री कृष्ण के पैर के तलवे में तीर 
मार दिया था, जिसके कारण श्री कृष्ण की मृत्यु हुई।

निष्कर्ष :

आज के इस लेख में हमने श्री Krishna Ka Janam Kab Hua Tha or कथा के बारे में जानकारी प्राप्त की है। उम्मीद है, कि इस लेख के माध्यम से आपको भगवान विष्णु के आठवें अवतार के बारे में संपूर्ण जानकारियां मिल पाई होगी।

यदि आपको इस लेख से संबंधित कोई अन्य प्रश्न पूछना है तो आप हमसे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं। जानकारी अच्छी लगी हो तो कृपया इस लेख को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।


Read Also :-

Related Posts

Leave a Comment